फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ान भर रहा अमेरिकी सैन्य विमान KC-135 लापता, संकट का संकेत देने के बाद संपर्क टूटा
फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ान भर रहा अमेरिकी सैन्य विमान KC-135 लापता, संकट का संकेत देने के बाद संपर्क टूटा
वॉशिंगटन/दुबई: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी वायु सेना का एक बोइंग KC-135 स्ट्रैटोटैंकर (Stratotanker) विमान ईरान के तट के पास फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ान भरते समय लापता हो गया है। लापता होने से पहले विमान ने ‘7700’ का कोड जारी किया था, जो विमानन क्षेत्र में ‘आपातकाल’ (Emergency) का वैश्विक संकेत माना जाता है।
कतर के पास खो गया संपर्क
फ्लाइटराडार24 (Flightradar24) के डेटा के अनुसार, इस विमान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अल धाफरा हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी।
मिशन: यह विमान क्षेत्र में चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियानों को सपोर्ट करने और अन्य विमानों में हवा में ईंधन भरने (Aerial Refueling) के मिशन पर था।
घटनाक्रम: कतर के हवाई क्षेत्र के ऊपर पहुंचने के बाद विमान का संपर्क टूट गया। डेटा से पता चलता है कि गायब होने से पहले विमान कुछ देर तक हवा में चक्कर लगाता रहा, जिससे तकनीकी खराबी या किसी अन्य आपात स्थिति की आशंका जताई जा रही है।
हमले की पुष्टि नहीं, पर बढ़ी चिंता
हालांकि, इस घटना को किसी हमले या ईरानी कार्रवाई से जोड़ने वाली कोई आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। ईरान की समाचार एजेंसी ‘फ़ार्स’ ने भी डेटा के आधार पर विमान के लापता होने की खबर दी है, लेकिन ईरान सरकार की ओर से इसमें अपनी किसी भी संलिप्तता का संकेत नहीं दिया गया है। अमेरिकी सेना ने भी अभी तक विमान की वर्तमान स्थिति या पायलटों के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
पिछला इतिहास और तनाव
यह घटना इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि इसी साल मार्च में पश्चिमी इराक में एक अमेरिकी KC-135 विमान नष्ट हो गया था। उस समय ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ (ईरान समर्थित गुट) ने दावा किया था कि उन्होंने संप्रभुता की रक्षा में उस विमान को मार गिराया था। वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी तनाव ने इस मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।
क्या है KC-135 स्ट्रैटोटैंकर?
KC-135 अमेरिकी वायु सेना की रीढ़ माना जाता है और पिछले 60 वर्षों से सेवा में है।
उड़ता पेट्रोल पंप: इसका मुख्य काम हवा में ही लड़ाकू जेट और बमवर्षक विमानों में ईंधन भरना है, जिससे वे बिना उतरे लंबी दूरी तय कर सकें।
बहुउपयोगी: ईंधन भरने के अलावा, यह लगभग 37,600 किलोग्राम माल (कार्गो) या दर्जनों यात्रियों को ले जा सकता है। इसका उपयोग घायलों को निकालने (Medical Evacuation) के लिए भी किया जाता है।
डिजाइन: यह बोइंग 707 के समान डिजाइन पर आधारित है और चार शक्तिशाली टर्बोफैन इंजनों से संचालित होता है।
निष्कर्ष: इस विमान का लापता होना अमेरिकी वायु सेना के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है, विशेषकर ऐसे समय में जब खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। फिलहाल तकनीकी विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों की नजरें विमान के अंतिम लोकेशन और मलबे की तलाश पर टिकी हैं।
