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गूगल मैप्स का ‘मैजिकल’ फीचर: अब ट्रैफिक नहीं रोक पाएगा आपका रास्ता, जानें सही समय पर मंजिल तक पहुँचने का सीक्रेट

गूगल मैप्स का ‘मैजिकल’ फीचर: अब ट्रैफिक नहीं रोक पाएगा आपका रास्ता, जानें सही समय पर मंजिल तक पहुँचने का सीक्रेट

टेक डेस्क: क्या आप भी अक्सर गूगल मैप्स का इस्तेमाल करने के बावजूद अपनी मीटिंग या ट्रिप के लिए लेट हो जाते हैं? अगर हाँ, तो मुमकिन है कि आप गूगल मैप्स के उस फीचर से अनजान हैं जो आपको ‘जीनियस’ ट्रैवलर बना सकता है। गूगल मैप्स में एक ऐसा इन-बिल्ट स्मार्ट टाइमर है, जो न केवल आपको रास्ता दिखाता है, बल्कि यह भी कैलकुलेट करता है कि आपको घर से ठीक कितने बजे निकलना चाहिए।

​ट्रैफिक की टेंशन खत्म: खुद गूगल देगा ‘रिमाइंडर’

​आमतौर पर हम मैप्स तब खोलते हैं जब हम घर से निकल चुके होते हैं। लेकिन गूगल का ‘Set Arrival Time’ फीचर आपको पहले से प्लानिंग करने की सुविधा देता है। यह फीचर गूगल के वर्षों पुराने ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण करता है और बताता है कि सोमवार की सुबह 9 बजे या शनिवार की शाम 6 बजे किसी खास रास्ते पर कितना जाम हो सकता है।

​स्टेप-बाय-स्टेप: ऐसे एक्टिवेट करें यह स्मार्ट फीचर

​अगर आप भी समय के पाबंद बनना चाहते हैं, तो इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:

​डेस्टिनेशन सर्च करें: गूगल मैप्स खोलें और जहाँ जाना है, उस जगह को सर्च करें।

​Directions चुनें: नीचे दिए गए Directions बटन पर क्लिक करें।

​थ्री-डॉट मेनू: स्क्रीन के ऊपर दाईं ओर दिख रहे तीन बिंदुओं (⋮) पर टैप करें।

​टाइम सेट करें: यहाँ आपको ‘Set depart or arrive time’ का विकल्प मिलेगा।

​पहुँचने का समय: ‘Arrive by’ टैब पर जाएं और वह समय चुनें जब आपको वहाँ पहुँचना है (जैसे सुबह 10:00 बजे)।

​सेट और रिलैक्स: समय सेट करने के बाद गूगल आपको बता देगा कि आपको घर से कितने बजे निकलना है।

​क्यों खास है यह फीचर?

​सटीक कैलकुलेशन: यह ऐप रास्ते में पड़ने वाले ट्रैफिक, सिग्नल और सबसे छोटे रास्ते को ध्यान में रखकर समय बताता है।

​महत्वपूर्ण यात्राओं के लिए वरदान: अगर आपको फ्लाइट, ट्रेन पकड़नी है या कोई जरूरी प्रेजेंटेशन है, तो यह फीचर आपके लिए ‘लाइफ सेवर’ साबित हो सकता है।

​ऐतिहासिक डेटा का उपयोग: गूगल पिछले कई सालों के डेटा को प्रोसेस करके बताता है कि उस खास दिन और वक्त पर सड़क की स्थिति क्या होगी।

​निष्कर्ष: तकनीकी दौर में गूगल मैप्स सिर्फ एक नक्शा नहीं, बल्कि आपका पर्सनल ट्रैवल असिस्टेंट है। अगर आप ‘अराइवल टाइम’ फीचर का सही इस्तेमाल करना सीख जाते हैं, तो ‘देरी से पहुँचने’ का बहाना बीते दिनों की बात हो जाएगी।

​क्या आप भी अपनी अगली बड़ी ट्रिप या मीटिंग के लिए गूगल के इस स्मार्ट टाइमर पर भरोसा करेंगे?

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