केरल की राजनीति में ‘बड़ा उलटफेर’: नतीजों से पहले पिनराई विजयन ने बदला बायो, हटाया ‘मुख्यमंत्री’ शब्द
केरल की राजनीति में ‘बड़ा उलटफेर’: नतीजों से पहले पिनराई विजयन ने बदला बायो, हटाया ‘मुख्यमंत्री’ शब्द
तिरुवनंतपुरम | विशेष संवाददाता केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों की आधिकारिक घोषणा से पहले ही राज्य की सियासत में एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोमवार सुबह मतगणना शुरू होने से ठीक पहले अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल (X और फेसबुक) से ‘मुख्यमंत्री’ (Chief Minister) शब्द हटा दिया है। अब उनके परिचय में केवल “माकपा (CPI-M) पोलित ब्यूरो सदस्य” होने का उल्लेख है।
इस बदलाव ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। विश्लेषक इसे वामपंथी किले में संभावित दरार और सत्ता परिवर्तन की आहट के तौर पर देख रहे हैं।
विजयन के इस कदम के क्या हैं मायने?
पिनराई विजयन के इस फैसले को लेकर राजनीतिक विश्लेषक दो मुख्य पहलुओं पर चर्चा कर रहे हैं:
हार की स्वीकारोक्ति?: हालिया एग्जिट पोल्स (जैसे Axis My India और People’s Pulse) में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF को पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। चर्चा है कि विजयन ने रुझानों को भांपते हुए अपनी हार का संकेत समय से पहले ही दे दिया है।
लोकतांत्रिक परंपरा: विजयन के समर्थकों का कहना है कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने वाला है और नए जनादेश का सम्मान करते हुए पद का मोह छोड़ना एक स्वस्थ परंपरा है। हालांकि, मतगणना के बीच में ही ऐसा करना संशय पैदा कर रहा है।
धर्माडम सीट: साख की लड़ाई
पिनराई विजयन अपनी पारंपरिक सीट धर्माडम से चुनावी मैदान में हैं। 2021 में उन्होंने यहाँ से रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार मुकाबला त्रिकोणीय और कड़ा है:
यूडीएफ (UDF): वीपी अब्दुल रशीद
भाजपा (BJP): के रंजीत
9 अप्रैल को हुई 78.27% की भारी वोटिंग को कुछ लोग सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) मान रहे हैं, जिसने विजयन की राह मुश्किल कर दी है।
वामपंथ के लिए ‘अस्तित्व’ की जंग
केरल वर्तमान में भारत का एकमात्र राज्य है जहाँ वामपंथ की सरकार है। 2021 में इतिहास रचकर लगातार दूसरी बार सत्ता में आए विजयन के लिए यह चुनाव साख का सवाल है। यदि यूडीएफ की जीत होती है, तो:
केरल में हर 5 साल में सत्ता बदलने की दशकों पुरानी परंपरा फिर से लौट आएगी।
राष्ट्रीय स्तर पर वामपंथी राजनीति के लिए यह एक बड़ा झटका होगा।
शाम तक साफ होगी तस्वीर
आज 4 मई को केरल के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी के परिणाम भी आ रहे हैं। क्या विजयन का यह सोशल मीडिया अपडेट महज एक औपचारिकता है या फिर केरल में ‘लाल किले’ के ढहने की पहली आधिकारिक सूचना? इसका फैसला आज दोपहर तक हो जाएगा। फिलहाल, समूचे दक्षिण भारत की निगाहें इस अपडेट के बाद केरल के नतीजों पर टिक गई हैं।
