क्रेमलिन में खलबली: क्या तख्तापलट के डर से ‘बंकर’ में सिमट गए हैं पुतिन? सुरक्षा घेरा हुआ अभेद्य
क्रेमलिन में खलबली: क्या तख्तापलट के डर से ‘बंकर’ में सिमट गए हैं पुतिन? सुरक्षा घेरा हुआ अभेद्य
मॉस्को/लंदन: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा को लेकर एक सनसनीखेज रिपोर्ट सामने आई है। CNN द्वारा सार्वजनिक की गई एक यूरोपीय खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन के चारों ओर सुरक्षा का ऐसा घेरा तैयार किया गया है जो रूस के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया। यह कदम हाल ही में कई बड़े सैन्य अधिकारियों की हत्या और क्रेमलिन के भीतर तख्तापलट (Coup) की आशंका के बाद उठाया गया है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु: करीबी लोगों पर भी नजर
खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब केवल बाहरी दुश्मन ही नहीं, बल्कि पुतिन के अपने करीबियों पर भी कड़ा पहरा है:
रसोइयों और बॉडीगार्ड्स की निगरानी: पुतिन के साथ काम करने वाले रसोइए, फोटोग्राफर और सुरक्षाकर्मियों के घरों में आधुनिक सर्विलांस (निगरानी) सिस्टम लगा दिए गए हैं।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर बैन: पुतिन के निजी स्टाफ को अब बस, मेट्रो या ट्रेन जैसे सार्वजनिक साधनों से यात्रा करने की अनुमति नहीं है। उन्हें केवल अधिकृत निजी वाहनों का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है।
डिजिटल दूरी: पुतिन के करीबी स्टाफ केवल ऐसे मोबाइल फोन इस्तेमाल कर सकते हैं जिनमें इंटरनेट की सुविधा न हो, ताकि किसी भी प्रकार की डेटा लीक या जासूसी की गुंजाइश न रहे।
तख्तापलट का डर और सैन्य अधिकारियों की हत्याएं
सुरक्षा में इस भारी इजाफे के पीछे की मुख्य वजह सैन्य नेतृत्व के भीतर बढ़ता असंतोष बताया जा रहा है:
जनरलों की हत्या: दिसंबर 2025 में एक वरिष्ठ जनरल की हत्या और हाल ही में मार्च 2026 में सैन्य अधिकारियों पर हुए हमलों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
कुलीन वर्ग (Elites) से खतरा: रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पुतिन को अब बाहरी हमलों से ज्यादा अपने ही देश के राजनीतिक और सैन्य रसूखदारों से खतरा महसूस हो रहा है। उन्हें डर है कि ‘ड्रोन’ के जरिए उनकी हत्या की साजिश रची जा सकती है।
सेर्गेई शोइगु का नाम: खुफिया रिपोर्ट में पूर्व रक्षा मंत्री सेर्गेई शोइगु को एक संभावित ‘अस्थिर कारक’ के रूप में देखा जा रहा है, जिससे तख्तापलट का खतरा बढ़ सकता है।
बंकर और एकांतवास: पुतिन की बदली दिनचर्या
सुरक्षा कारणों से पुतिन ने अपनी जीवनशैली में बड़े बदलाव किए हैं:
स्थिर निवास: पुतिन अब मॉस्को क्षेत्र या वल्दाई स्थित अपने पुराने और मशहूर आवासों पर नहीं जा रहे हैं।
बंकर लाइफ: कहा जा रहा है कि पुतिन अब अपना अधिकांश समय सुरक्षित बंकरों में बिता रहे हैं, खासकर क्रास्नोडार क्षेत्र में स्थित अत्यधिक सुरक्षित ठिकानों पर।
सैन्य दौरों पर रोक: 2025 में अक्सर सैन्य मोर्चों का दौरा करने वाले पुतिन ने 2026 में अभी तक किसी भी सैन्य ठिकाने का दौरा नहीं किया है।
निष्कर्ष
यह रिपोर्ट दिखाती है कि यूक्रेन युद्ध के लंबे खिंचने, आर्थिक दबाव और अंदरूनी असंतोष ने पुतिन को रक्षात्मक होने पर मजबूर कर दिया है। क्रेमलिन के भीतर सुरक्षा एजेंसियों (FSB और FSO) के बीच आपसी खींचतान और बढ़ता अविश्वास रूस के भविष्य के लिए एक बड़े राजनीतिक संकट की ओर इशारा कर रहा है।
क्या आपको लगता है कि सुरक्षा का यह कड़ा घेरा पुतिन के खिलाफ पनप रहे अंदरूनी विद्रोह को रोक पाएगा, या यह उनके बढ़ते अलगाव का संकेत है?
