राजनीति

​तमिलनाडु में ‘किंगमेकर’ बनी कांग्रेस: विजय की TVK ने मांगा समर्थन, कल चेन्नई में होगा अंतिम फैसला

​तमिलनाडु में ‘किंगमेकर’ बनी कांग्रेस: विजय की TVK ने मांगा समर्थन, कल चेन्नई में होगा अंतिम फैसला

​नई दिल्ली/चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य में सत्ता का समीकरण रोचक मोड़ पर पहुंच गया है। 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम (TVK) ने सरकार बनाने की कवायद तेज कर दी है। इस बीच, कांग्रेस ने दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें विजय द्वारा समर्थन मांगे जाने की पुष्टि की गई है।

​कांग्रेस आलाकमान की बैठक: के.सी. वेणुगोपाल का बड़ा बयान

​मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रभारी गिरीश चोडनकर के बीच अहम बैठक हुई। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा:

​”TVK प्रमुख विजय ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से समर्थन का अनुरोध किया है। हमारा रुख स्पष्ट है कि हम राज्य में किसी भी कीमत पर बीजेपी या उनके इशारे पर चलने वाली ताकतों को सत्ता में नहीं देखना चाहते। यह जनादेश एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के लिए है।”

​अंतिम फैसला कल सुबह: वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि समर्थन देने का अंतिम निर्णय तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) लेगी। इसके लिए कल सुबह 9:30 बजे चेन्नई में राजनीतिक मामलों की समिति की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।

​विजय ने पेश किया सरकार बनाने का दावा

​बहुमत के आंकड़े (118) से मात्र 10 सीटें दूर विजय ने मंगलवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की।

​दावा पेश: विजय ने 108 विधायकों के समर्थन के साथ सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया है।

​समय की मांग: TVK ने सदन में अपना बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल से दो सप्ताह (14 दिन) का समय मांगा है।

​युवाओं का साथ: कांग्रेस प्रभारी गिरीश चोडनकर ने कहा कि युवाओं और महिलाओं ने बदलाव के लिए विजय को वोट दिया है और इसे कमतर नहीं आंका जाना चाहिए।

​क्या है सीटों का गणित?

​तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए।

​TVK: 108 सीटें (बहुमत से 10 दूर)

​कांग्रेस: 05 सीटें

​वामपंथी दल: 04 सीटें

​अन्य छोटी पार्टियाँ: 5-7 सीटें

​यदि कांग्रेस (5) और वामपंथी दल (4) विजय को समर्थन देते हैं, तो गठबंधन का आंकड़ा 117 तक पहुंच जाएगा, जिसके बाद महज एक निर्दलीय या अन्य छोटे दल के समर्थन से विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

​बदलाव की स्पष्ट लहर

​कांग्रेस के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडनकर ने आलाकमान को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस नेतृत्व राज्य की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक निर्णय ले सकता है। यदि कांग्रेस समर्थन का ऐलान करती है, तो तमिलनाडु में दशकों बाद एक नई राजनीतिक शक्ति (Third Force) की सरकार बनेगी और द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक किलों (DMK-AIADMK) के बाहर पहली बार किसी दल का शासन होगा।

​अब सबकी नजरें कल सुबह चेन्नई में होने वाली TNCC की बैठक पर टिकी हैं, जो तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री का भविष्य तय करेगी।

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