प्रशांत किशोर का ‘जन सुराज’ फ्लॉप: वोटकटवा भी नहीं बन सके, अब ‘संन्यास’ का वादा निभाएंगे या फिर जुमला?
प्रशांत किशोर का ‘जन सुराज’ फ्लॉप: वोटकटवा भी नहीं बन सके, अब ‘संन्यास’ का वादा निभाएंगे या फिर जुमला?
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के रुझानों ने प्रशांत किशोर (PK) की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को धूल चटा दी है। उनकी जन सुराज पार्टी (JSP) ने 239 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन ECI के लेटेस्ट ट्रेंड्स (दोपहर 1:30 बजे तक) में एक भी सीट पर लीड नहीं – शुरुआती 3-4 सीटों की झलक भी धुंधली पड़ गई। वोट शेयर तो 9-10% तक पहुंच सकता है (कांग्रेस से ज्यादा), लेकिन सीटें? 0-1 की भविष्यवाणी सही साबित हो रही। NDA 200 पार कर चुका, MGB 50 के आसपास – PK का ‘तीसरा विकल्प’ न NDA को तोड़ा, न MGB को। आइए, डिटेल में देखें ये फेलियर क्यों हुआ और संन्यास का क्या?
JSP का ‘ब्लैंक’ प्रदर्शन: आंकड़े बताते हैं सब
सीट ट्रेंड्स: शुरुआती घंटों में चैनपुर, करगहर, चंपतिया जैसी 4 सीटों पर लीड दिखी, लेकिन दोपहर तक सब गायब। अब JSP के सभी कैंडिडेट्स ट्रेलिंग – BSP तो 1 सीट जीत रही, लेकिन PK का ‘जन सुराज’ फर्श पर।
वोट शेयर: एग्जिट पोल्स ने 4-9.7% कहा था, जो कांग्रेस (8.7%) से ज्यादा।542ed8 लेकिन ये वोट्स बिखरे हुए – कंस्टीट्यूएंसी-वाइज कन्वर्जन न होने से जीरो सीट। Peoples Pulse: 0-5, Axis My India: 0-2।
क्यों फेल?: एक साल की पादयात्रा, युवा-बेरोजगारी पर फोकस – सब बेकार। PK का ‘ओवरकॉन्फिडेंस’ (नीतीश को 25 से कम सीटें) उल्टा पड़ा। JD(U) 80+ पर, RJD 25-30। JSP ने MGB के वोट काटे, लेकिन इतना नहीं कि NDA हिले। JDU वर्कर्स तो PK को ‘फेल’ बता रहे।
संन्यास का वादा: निभाएंगे या फिर ‘मिस्टेक’ कह देंगे?
क्या कहा था PK ने?: चुनाव से पहले PK ने दावा किया – “अगर JD(U) को 25 से ज्यादा सीटें मिलीं, तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा।” ये उनके ‘नीतीश मॉडल फेल’ वाले नैरेटिव का हिस्सा था। लेकिन आज JD(U) 80-84 पर लीड – वादा तो टूटना तय!
अभी तक रिएक्शन?: PK चुप्पी साधे हैं। JSP चीफ स्पोक्सपर्सन: “परफॉर्मेंस की सीरियस रिव्यू करेंगे।”24c198 बिहार प्रेसिडेंट मनोज भारती: “लोगों को हमारी बात समझ न आई, हम फेल हुए।” X पर मीम्स का तूफान: “PK अब घर बैठे स्ट्रैटेजी बनाओ!” या “संन्यास ले लो भैया, मिस्टेक हो गया।” कुछ तो कह रहे – BJP का ‘प्लान’ था, वोट काटो MGB के।
निभाएंगे?: PK का ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो शायद नहीं। 2022 में भी ‘बिहार बदलाव’ का दावा किया, लेकिन फंडिंग-कैंडिडेट गेम में उलझे। अगर निभाया, तो पादयात्रा का ‘सोशल वर्कर’ अवतार लेंगे। लेकिन जुमला लगता है – राजनीति छोड़ने वाले ‘स्ट्रैटेजिस्ट’ कम ही होते हैं!
X पर हंगामा: मीम्स से लेकर तंज
#PrashantKishor #BiharElection2025 ट्रेंडिंग। यूजर्स: “ओवरकॉन्फिडेंस का परफेक्ट एग्जांपल” या “PK ने BJP का काम किया – न्यू पार्टी, फंड, मीडिया डिस्ट्रैक्शन।”
एक पोस्ट: “JDU 25 से ज्यादा? PK: भारी मिस्टेक हो गया साहेब!” वीडियो के साथ।
PK का डेब्यू ‘लिटररी क्रिटिक की पहली नॉवेल’ जैसा – आइडिया अच्छा, लेकिन रीडर्स न पकड़े। संन्यास? शाम की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर नजर। क्या लगता है आपको – निभाएंगे या फिर ‘रिव्यू’ में खो देंगे? कमेंट्स में बताएं!
