हरभजन के घर पर पत्थर, राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री का पानी काटा… जानिए राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति से मिलकर क्या-क्या बताया
हरभजन के घर पर पत्थर, राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री का पानी काटा… जानिए राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति से मिलकर क्या-क्या बताया
नई दिल्ली, 5 मई 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पंजाब सरकार पर बदले की राजनीति (vendetta politics) का गंभीर आरोप लगाया। चड्ढा ने पूर्व क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह के घर पर पत्थरबाजी और उद्योगपति-सांसद राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री का पानी काटने जैसी घटनाओं का जिक्र किया।
राघव चड्ढा के साथ संदीप पाठक, अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता समेत अन्य सांसद भी राष्ट्रपति से मिले। उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल 2026 को AAP छोड़ने के बाद भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों को निशाना बनाया जा रहा है।
राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति को क्या बताया?
हरभजन सिंह पर हमला: विश्व कप विजेता हरभजन सिंह के घर के बाहर “देशद्रोही” (traitor) लिखा गया। पंजाब पुलिस की मदद से उनके घर पर पत्थर फेंके गए और परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए गए।
राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री: पद्मश्री सम्मानित उद्योगपति राजिंदर गुप्ता की मालवा क्षेत्र की फैक्ट्री (जिसमें करीब 30,000 लोगों को रोजगार मिलता है) का पानी काट दिया गया। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) ने रेड़ की और फैक्ट्री बंद करने की कोशिश की।
अन्य सांसदों पर भी कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें परेशान किया जा रहा है।
राघव चड्ढा ने कहा, “जब तक हम AAP के साथ थे, तब तक ‘संस्कारी’ थे, अब भाजपा में आए तो ‘भ्रष्ट’ हो गए।” उन्होंने खुद को अगला टारगेट बताते हुए संवैधानिक सुरक्षा की मांग की और पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई।
पृष्ठभूमि
24 अप्रैल को AAP के 7 राज्यसभा सांसदों (राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, स्वाति मालिवाल, राजिंदर गुप्ता, अशोक मित्तल, संदीप पाठक और विक्रमजीत सिंह साहनी) ने पार्टी छोड़कर भाजपा में विलय कर लिया। राज्यसभा चेयरमैन ने इस विलय को मंजूरी दे दी। इसके बाद पंजाब सरकार पर इन नेताओं को निशाना बनाने के आरोप लगे।
आज ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी राष्ट्रपति से मिले, जहां उन्होंने इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की।
अधिक अपडेट: मामला राजनीतिक गलियारों में गरमा गया है। भाजपा ने पंजाब सरकार पर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया, जबकि AAP ने इसे “ऑपरेशन लोटस” बताया है। राष्ट्रपति ने दोनों पक्षों को सुना है। स्थिति पर नजर बनी हुई है।
