सोमनाथ भारती फरार घोषित: रायबरेली कोर्ट ने जारी किया नोटिस, 2021 पुलिस अभद्रता मामले में 13 नवंबर को अगली सुनवाई
सोमनाथ भारती फरार घोषित: रायबरेली कोर्ट ने जारी किया नोटिस, 2021 पुलिस अभद्रता मामले में 13 नवंबर को अगली सुनवाई
दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री और आप नेता सोमनाथ भारती को रायबरेली की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने फरार घोषित कर दिया है। 2021 में सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में पुलिस के साथ कथित अभद्रता के मामले में अदालत में बार-बार हाजिर न होने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. विवेक कुमार ने गैर जमानती वारंट के साथ अपराध प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 82 के तहत फरारी का नोटिस जारी किया। विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार सिंह ने बताया कि भारती को कई बार व्यक्तिगत हाजिरी का आदेश दिया गया था, लेकिन वे अनुपस्थित रहे। मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर को तय की गई है।
वर्ष 2021 का यह मामला रायबरेली शहर के सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस से जुड़ा है, जहां भारती पर स्थानीय पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार, धमकी और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 353 (सरकारी कार्य में बाधा), 504 (अपमानजनक शब्द) और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की। भारती ने जमानत ले ली थी, जिसके बाद केस एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर हो गया। सिंह ने कहा, “जमानत की शर्तों के तहत भारती को हर सुनवाई पर हाजिर होना था। आरोप तय होने बाकी हैं, लेकिन वे लगातार अवज्ञा कर रहे हैं।”
सुनवाई के दौरान भारती के वकील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। विशेष अभियोजक ने बताया कि पूर्व तारीखों पर गैर जमानती वारंट भी जारी हो चुका था, फिर भी भारती अदालत नहीं पहुंचे। कोर्ट ने इसे जमानत शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन माना और फरारी की घोषणा कर दी। भारती की अनुपस्थिति से कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई, क्योंकि यह मामला विधायकों की जवाबदेही से जुड़ा है।
आम आदमी पार्टी (आप) ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारती व्यस्त हैं और जल्द ही हाजिर होंगे। पार्टी प्रवक्ता ने दावा किया कि यह “राजनीतिक साजिश” है, लेकिन कोई आधिकारिक स्टेटमेंट जारी नहीं किया। भारती, जो दिल्ली विधानसभा में नई दिल्ली सीट से विधायक हैं, पहले भी विवादों में रहे हैं—2024 में पत्नी की शिकायत पर घरेलू हिंसा का केस भी चला। विशेषज्ञों का मानना है कि फरारी घोषणा से भारती को गिरफ्तारी का खतरा है, और यह आप की छवि पर असर डाल सकता है। रायबरेली पुलिस ने नोटिस जारी कर लिया है, और 13 नवंबर तक हाजिर न होने पर संपत्ति जब्ती की कार्रवाई हो सकती है।
यह घटना विधायकों की अदालती जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है। विपक्ष ने इसे “कानून का राज” का मजाक बताया, जबकि सत्ताधारी भाजपा ने चुप्पी साधी। फिलहाल, भारती से संपर्क की कोशिश जारी है, लेकिन उनका पक्ष स्पष्ट नहीं। मामले की अगली सुनवाई में कोर्ट सख्त कदम उठा सकता है।
