उत्तराखंड

उत्तराखंड रजत जयंती: पुलिस लाइन में शानदार रैतिक परेड, अनुशासन और सम्मान का संगम

उत्तराखंड रजत जयंती: पुलिस लाइन में शानदार रैतिक परेड, अनुशासन और सम्मान का संगम

उत्तराखंड राज्य की स्थापना की रजत जयंती वर्ष के आयोजनों में सबसे महत्वपूर्ण रैतिक परेड का आज पुलिस लाइन मैदान में भव्य आयोजन हुआ। परेड को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सलामी दी, जबकि गृह मंत्री अमित शाह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। इस दौरान पुलिस फोर्स के जवानों ने अपनी ताकत, अनुशासन और समन्वय को कमांडो ड्रिल, मार्च पास्ट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से प्रदर्शित कर सभी का मन मोह लिया। परेड में महान विभूतियों को सम्मानित किया गया, साथ ही सराहनीय सेवा पदक से 150 से अधिक पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को नवाजा गया। यह आयोजन राज्य स्थापना दिवस (9 नवंबर) से दो दिन पहले इसलिए किया गया, क्योंकि रजत जयंती के कारण नवंबर के पहले हफ्ते में कई कार्यक्रम निर्धारित हैं।

परेड की शुरुआत सुबह 10 बजे हुई, जहां पुलिस बैंड की धुनों पर विभिन्न टुकड़ियों ने कदमताल किया। उत्तराखंड पुलिस, एसडीआरएफ, पीएसी, फायर सर्विस और महिला पुलिस की टुकड़ियां शामिल रहीं। कमांडो ड्रिल में जवानों ने रस्सी चढ़ाई, दीवार फांदना और हथियार हैंडलिंग का प्रदर्शन किया, जो दर्शकों से तालियां बटोरता रहा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “यह परेड न केवल अनुशासन का प्रतीक है, बल्कि राज्य की सुरक्षा और सेवा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रजत जयंती में पुलिस की भूमिका अतुलनीय रही है।” गृह मंत्री शाह ने वर्चुअल संबोधन में उत्तराखंड पुलिस को ‘पहाड़ की ढाल’ बताते हुए बधाई दी।

सम्मान समारोह में स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की पुत्री को राज्य आंदोलन में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 12 एसडीआरएफ जवानों को ‘उत्कृष्ट सेवा पदक’ दिया गया। डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा, “यह परेड हमारे जवानों की मेहनत का सम्मान है। 25 सालों में पुलिस ने आतंकवाद, नशा तस्करी और आपदाओं से राज्य को सुरक्षित रखा है।” परेड में पहली बार ड्रोन कैमरों से लाइव कवरेज की गई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

रजत जयंती वर्ष में यह परेड राज्य की एकता और सुरक्षा का प्रतीक बनी। कल 9 नवंबर को पीएम मोदी एफआरआई में मुख्य समारोह में शामिल होंगे, जहां परेड की यादें ताजा रहेंगी। आयोजन में हजारों दर्शक पहुंचे, जिन्होंने ‘जय हिंद’ के नारों से मैदान गूंजाया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परेडें युवाओं में देशभक्ति और अनुशासन की भावना जगाती हैं। यह आयोजन उत्तराखंड के गौरवशाली 25 वर्षों का सशक्त संदेश देता है।

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