पुतिन ने युवा एथलीटों के बीच की घोषणा: रूस में ई-सिगरेट और वेप पर पूर्ण प्रतिबंध
पुतिन ने युवा एथलीटों के बीच की घोषणा: रूस में ई-सिगरेट और वेप पर पूर्ण प्रतिबंध
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने युवा खिलाड़ियों के बीच खड़े होकर एक साहसिक फैसला लिया है। समारा शहर के डेमोंस्ट्रेशन एंड एजुकेशनल सेंटर फॉर एडाप्टिव स्पोर्ट्स के दौरे के दौरान उन्होंने ई-सिगरेट और वेप उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। यह घोषणा छोटे-छोटे एथलीटों और युवाओं के बीच की गई, जो स्वास्थ्य जागरूकता के प्रतीक के रूप में देखी जा रही है। पुतिन ने कहा, “यह फैसला महत्वपूर्ण है, लेकिन युवाओं के बीच जागरूकता फैलाना भी उतना ही जरूरी है।” उप-प्रधानमंत्री दिमित्री चेर्नीशेंको की मौजूदगी में यह बयान आया, जो सरकार की समर्थन को दर्शाता है।
रूस में ई-सिगरेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, खासकर किशोरों और युवाओं में। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, निकोटीन युक्त ये उत्पाद फेफड़ों की बीमारियों, हृदय समस्याओं और मस्तिष्क के विकास पर बुरा असर डालते हैं। पुतिन ने जोर दिया कि वेपिंग युवाओं को आकर्षित करने वाली फ्लेवर्ड वैरायटीज के कारण एक ‘छिपा खतरा’ बन गया है। यह प्रतिबंध रूस की लंबे समय से चली आ रही एंटी-स्मोकिंग कैंपेन का हिस्सा है, जिसमें 2013 के व्यापक तंबाकू नियंत्रण कानून से सिगरेट बिक्री पर पाबंदियां लगाई गई थीं। 2020 में निकोटीन उत्पादों को पारंपरिक तंबाकू की तरह विनियमित किया गया, लेकिन अब पूर्ण बैन की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे 2022 तक धूम्रपान दर को 15% तक कम करने का लक्ष्य हासिल होगा।
यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रूस की इस पहल की सराहना की है, क्योंकि वैश्विक रूप से ई-सिगरेट युवाओं के बीच सिगरेट का ‘गेटवे’ बन रही हैं। अमेरिका और यूरोपीय संघ में भी इसी तरह के प्रतिबंधों पर बहस चल रही है। रूस में पहले से ही ई-सिगरेट की बिक्री पर उम्र सीमा (18 वर्ष), विज्ञापन प्रतिबंध और सार्वजनिक स्थानों पर इस्तेमाल पर रोक है। लेकिन पूर्ण बैन से छोटे व्यापारियों और आयातकों को चुनौतियां आएंगी, हालांकि सरकार शिक्षा और जागरूकता अभियानों के जरिए वैकल्पिक रोजगार के अवसर पैदा करने का वादा कर रही है।
पुतिन का यह कदम ‘हेल्दी रूस’ विजन को मजबूत करता है, जहां खेल और फिटनेस को प्राथमिकता दी जा रही है। समारा सेंटर में विकलांग युवाओं के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ही राष्ट्र का असली सामर्थ्य है। अब विधायी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी, और अगले कुछ महीनों में कानून पारित होने की उम्मीद है। वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय इसे एक मिसाल के रूप में देख रहा है, जो अन्य देशों के लिए प्रेरणा बनेगा।
