रांची जेल में कैदियों का डांस वीडियो वायरल: शराब-जीएसटी घोटाले के आरोपी कर रहे थे धूम मचाओ, दो अधिकारी निलंबित!
रांची जेल में कैदियों का डांस वीडियो वायरल: शराब-जीएसटी घोटाले के आरोपी कर रहे थे धूम मचाओ, दो अधिकारी निलंबित!
झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से एक शर्मनाक वीडियो सामने आया है, जिसने जेल प्रशासन की लापरवाही को बेनकाब कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल 17 सेकंड के इस क्लिप में दो कैदी मोबाइल फोन पर म्यूजिक सुनते हुए ठुमके लगाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दिख रहे ये कैदी करोड़ों के शराब घोटाले के आरोपी विधु गुप्ता और जीएसटी घोटाले के आरोपी विक्की भालोटिया हैं। दोनों एक विशेष हॉल में मौजूद हैं, जो आम कैदियों के लिए आरक्षित नहीं होता। इस हॉल में टीवी, एसी, आरामदेह कुर्सियां और अन्य लग्जरी सुविधाएं दिखाई दे रही हैं, जो जेल के नियमों का खुला उल्लंघन दर्शाती हैं।
वीडियो की शुरुआत में गुप्ता और भालोटिया हंसते-खेलते डांस करते दिखते हैं, जबकि बैकग्राउंड में बॉलीवुड गाना बज रहा है। वीडियो का अंत अचानक होता है, लेकिन इतना काफी था कि यह लाखों व्यूज बटोर ले। सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे ‘जेल नहीं, पांच सितारा होटल’ कहकर ट्रोल किया। जहां लोग जेल सुधार की मांग कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “कैदी डांस कर रहे, अधिकारी सो रहे। झारखंड की जेलें क्या हो गईं?”
वीडियो वायरल होते ही जेल प्रशासन हरकत में आ गया। डीजी जेल रवि प्रकाश ने तत्काल जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में लापरवाही साबित होने पर दो अधिकारियों—सहायक जेलर देवनाथ राम और जमादार विनोद कुमार यादव—को तुरंत निलंबित कर दिया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “मोबाइल फोन जेल में प्रतिबंधित है। यह सुरक्षा के लिए खतरा है। जांच में पता चलेगा कि फोन कैसे अंदर आया—क्या वार्डन की मिलीभगत थी या बाहरी स्रोत से?” विशेष हॉल, जो वीआईपी कैदियों के लिए होता है, में इन दोनों को अनधिकृत एंट्री कैसे मिली, यह भी जांच का हिस्सा है। गुप्ता पर 2023 के शराब घोटाले में 500 करोड़ के फर्जीवाड़े का आरोप है, जबकि भालोटिया जीएसटी चोरी के मामले में फरार था और हाल ही में गिरफ्तार हुआ।
झारखंड सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, “जेलों में अनुशासन बहाल होगा। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” पूर्व सीएम रघुबर दास ने विपक्ष के रूप में हमला बोला, “हेमंत सरकार में अपराधी जेल में राज कर रहे हैं। ये घोटाले के आरोपी क्यों वीआईपी ट्रीटमेंट पा रहे?” एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर की जेलों में मोबाइल जब्ती के 5,000 से ज्यादा केस दर्ज हुए, लेकिन रांची का यह वीडियो सबसे शर्मनाक है। विशेषज्ञों का कहना है कि जेलों में डिजिटल स्कैनर और सख्त चेकिंग जरूरी है।
क्या यह वीडियो जेल सुधारों की शुरुआत बनेगा? फिलहाल, गुप्ता और भालोटिया को सख्त निगरानी में रखा गया है। झारखंड की जेलें अब सुर्खियों में हैं—गलत वजह से।
