बिहार चुनाव 2025: पहले चरण की वोटिंग समाप्त, 121 सीटों पर 64.46% रिकॉर्ड मतदान—NDA vs महागठबंधन की जंग तेज!
बिहार चुनाव 2025: पहले चरण की वोटिंग समाप्त, 121 सीटों पर 64.46% रिकॉर्ड मतदान—NDA vs महागठबंधन की जंग तेज!
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 121 सीटों पर शाम 6 बजे वोटिंग समाप्त हो गई। चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, कुल 3.75 करोड़ मतदाताओं में से 64.46% ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जो 2020 के पहले चरण के 57.2% से 3% ज्यादा है। यह रिकॉर्ड टर्नआउट लोकतंत्र के उत्सव का प्रतीक बन गया, जहां महिलाओं (62%) और युवाओं (58%) की भागीदारी ने सबको प्रभावित किया। 18 जिलों—जमुई, किशनगंज, मधुबनी, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, अररिया, फॉरबिसगंज, भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, गया, वैशाली और मुजफ्फरपुर—में फैली ये सीटें NDA और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर का मैदान बनीं।
वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू हुई और ज्यादातर शांतिपूर्ण रही, लेकिन कुछ जगहों पर हल्की झड़पें हुईं। घड़ी दोपहर 1 बजे तक 42.31%, 3 बजे तक 53.77% और 5 बजे तक 60.13% मतदान दर्ज हुआ। मीनापुर (मुजफ्फरपुर) में सबसे ज्यादा 73.29% टर्नआउट रहा, जबकि दिघा (पटना) में सबसे कम 39.10%। बेगूसराय (67.32%), गोपालगंज (64.96%) और मुजफ्फरपुर (64.63%) ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “यह बिहार का ऐतिहासिक टर्नआउट है। EVM सील हो चुकी हैं, और 14 नवंबर को नतीजे घोषित होंगे।” नक्सल प्रभावित मुंगेर के भीमबांध जैसे इलाकों में 20 साल बाद बूथ खुलने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है।
NDA की ओर से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, “4-5% बढ़ोतरी NDA की जीत का संकेत है। बिहार की जनता विकास चुन रही है।” वहीं, RJD नेता तेजस्वी यादव ने वोटिंग के बाद ट्वीट किया, “जनता का गुस्सा साफ दिखा। महागठबंधन की जीत तय है।” आज तेजस्वी ने रघोपुर से और उनके भाई तेज प्रताप ने महुआ से वोट डाला। अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा (लखीसराय) और जेडीयू के विजय चौधरी (मीनापुर) शामिल हैं। प्राशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी कुछ सीटों पर दांव लगाया।
वोटिंग के दौरान लखीसराय में सिन्हा के काफिले पर पथराव और शेखपुरा में सिन्हा-RJD MLC अजय कुमार की तीखी नोकझोंक जैसी घटनाएं सुर्खियां बनीं। चुनाव आयोग ने 82,000 पोलिंग स्टेशनों पर CCTV और वेबकैमिंग लगाई, जिससे पारदर्शिता बनी रही। विशेषज्ञों का मानना है कि यह टर्नआउट जातिगत समीकरणों से ऊपर उठकर विकास और रोजगार पर केंद्रित है। दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को 94 सीटों पर होगी। क्या यह चरण NDA को मजबूत बनाएगा या विपक्ष उलटफेर करेगा? बिहार की सियासत में सस्पेंस बरकरार!
