सनातन हिंदू एकता पदयात्रा: दिल्ली से वृंदावन तक धीरेंद्र शास्त्री का ऐतिहासिक मार्च, कल सुबह 9 बजे हरी झंडी!
सनातन हिंदू एकता पदयात्रा: दिल्ली से वृंदावन तक धीरेंद्र शास्त्री का ऐतिहासिक मार्च, कल सुबह 9 बजे हरी झंडी!
इंद्रप्रस्थ यानी दिल्ली से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2.0 के प्रस्थान में अब महज एक दिन बाकी है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में यह पवित्र यात्रा शुक्रवार, 7 नवंबर को सुबह 9 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज मार्ग स्थित छत्रपूर मंदिर से शुरू होगी। 170 किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा 16 नवंबर को वृंदावन धाम में समाप्त होगी, जिसमें देशभर से हजारों साधु-संत, महामंडलेश्वर, आचार्य और भक्त शामिल होंगे। यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म की एकजुटता, सामाजिक सद्भाव और हिंदू राष्ट्र की स्थापना को मजबूत करना है।
शुक्रवार को मंचीय कार्यक्रम के बाद साधु-संतों द्वारा सौंपे गए धर्म ध्वज को आगे रखकर पदयात्रा वृंदावन के लिए रवाना होगी। कार्यक्रम में राष्ट्रगान, हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ और हिंदू एकता की शपथ ली जाएगी। धीरेंद्र शास्त्री ने बुधवार को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि वैचारिक क्रांति है। हम यमुना नदी की स्वच्छता, गौमाता को राष्ट्रीय माता घोषित करने, ब्रज क्षेत्र को मांस-मदिरा मुक्त बनाने और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण जैसे सात प्रमुख संकल्प लेंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि विश्व शांति सनातन धर्म के प्रसार से ही संभव है।
पदयात्रा का रूट दिल्ली से फरीदाबाद, पलवल, होडल, खैर, मथुरा होते हुए वृंदावन तक फैला है। दैनिक पड़ाव फरीदाबाद (7-8 नवंबर), मथुरा (12-14 नवंबर) जैसे प्रमुख स्थानों पर होंगे। यात्रा में रोजाना भजन-कीर्तन, प्रवचन और सामूहिक भंडारे का आयोजन होगा। वृंदावन के संतों ने इसे “राष्ट्रीय महायज्ञ” करार दिया है, जिसमें सभी को आहुति देनी चाहिए। हाल ही में धीरेंद्र शास्त्री ने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया, जहां उन्होंने यात्रा में भाग लेने का आह्वान किया।
यह पदयात्रा बागेश्वर धाम की परंपरा का दूसरा संस्करण है। पहली यात्रा ने लाखों भक्तों को जोड़ा था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा पर्यावरण संरक्षण, गौ-रक्षा और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देगी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे, और लाइव अपडेट्स के लिए आधिकारिक ऐप लॉन्च किया गया है। धीरेंद्र शास्त्री ने अपील की, “सभी हिंदू भाइयों-बहनों से आग्रह है, इस यात्रा में शामिल होकर सनातन की ज्योति फैलाएं।” क्या यह मार्च हिंदू एकता का नया अध्याय लिखेगा? 7 नवंबर का इंतजार!
