राजनीति

सिद्धार्थनगर में सनसनी: पूर्व BJP विधायक का विवादित बयान वायरल, ‘2 के बदले 10 मुस्लिम लड़कियां लाओ’ कहकर भड़काया विवाद

सिद्धार्थनगर में सनसनी: पूर्व BJP विधायक का विवादित बयान वायरल, ‘2 के बदले 10 मुस्लिम लड़कियां लाओ’ कहकर भड़काया विवाद

सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में बीजेपी के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह का एक आपत्तिजनक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र के धनखरपुर गांव में 16 अक्टूबर को आयोजित एक जनसभा के दौरान उन्होंने एक समुदाय विशेष को निशाना साधते हुए ‘बदला लेने’ की बात कही, जो अब राजनीतिक हंगामे का कारण बन गई है। वीडियो में वे कहते सुनाई दे रहे हैं, “हमारे समाज की 2 लड़कियां वो ले गए, तुम मुसलमानों की 10 लड़कियां लाओ। 2 पे 10 से कम मंजूर नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि जो ऐसा करेगा, उसके खाने-पीने, शादी और नौकरी का इंतजाम पार्टी करेगी। यह बयान दो हिंदू लड़कियों के कथित अपहरण और एक हिंदू युवक की हत्या की घटना के संदर्भ में आया।

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश फैल गया। #RaghvendraSinghControversy और #SiddharthnagarViral जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कई यूजर्स ने इसे ‘सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वाला’ करार दिया, जबकि समर्थकों ने इसे ‘समाज में जोश भरने’ का प्रयास बताया। सपा विधायक सैयदा खातून ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, “ऐसे बयान शांति भंग करने वाले हैं। तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।” समाजवादी पार्टी ने बीजेपी से राघवेंद्र सिंह के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। विपक्षी दलों ने इसे ‘हेट स्पीच’ बताते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की अपील की।

राघवेंद्र सिंह ने बयान पर सफाई देते हुए स्वीकार किया कि उन्होंने यह बात कही थी, लेकिन इसे ‘लोगों में संवेदना जगाने और जोश भरने’ के लिए कहा। उन्होंने कहा, “घटना ने समाज को दुखी किया है। मेरा उद्देश्य जागरूकता फैलाना था, न कि हिंसा भड़काना।” पूर्व विधायक, जो हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी भी हैं, पहले भी विवादों में रहे हैं। 2022 में उन्होंने अपनी ही पार्टी के सांसद जगदंबिका पाल को ‘गद्दार’ कहा था। बीजेपी ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन जिला स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। एसपी ने कहा, “मामले की जांच चल रही है। शांति बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।”

यह घटना उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव के बीच आई है, जहां हाल ही में कई धर्मांतरण और अपहरण के मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान चुनावी माहौल को और गरमा सकते हैं। सिद्धार्थनगर प्रशासन ने गांवों में शांति समितियां बिठाई हैं, ताकि अफवाहें न फैलें। वायरल वीडियो ने न केवल स्थानीय राजनीति को हिला दिया है, बल्कि पूरे राज्य में बहस छेड़ दी है – क्या यह बदले की राजनीति का नया रूप है? फिलहाल, पूर्व विधायक के खिलाफ कोई FIR नहीं हुई है, लेकिन दबाव बढ़ रहा है।

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