केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम पहुंचे उत्तराखंड के राज्यपाल, दर्शन के बाद पुनर्निर्माण कार्यों का लिया जायजा
केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम पहुंचे उत्तराखंड के राज्यपाल, दर्शन के बाद पुनर्निर्माण कार्यों का लिया जायजा
चार धाम यात्रा की धूम के बीच उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह ने मंगलवार को केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का दौरा किया। राज्यपाल ने सबसे पहले केदारनाथ धाम में भगवान शिव के दर्शन किए, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने पुनर्निर्माण और विकास कार्यों का जमीनी निरीक्षण किया। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि अगले वर्षों में लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय-समय पर की जाने वाली समीक्षाओं के अनुरूप है, जहां धामों के आसपास के क्षेत्रों को आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
राज्यपाल सिंह ने केदारनाथ में आपदा के बाद चल रहे पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट्स का मुआयना किया। उन्होंने कहा, “ये धाम न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि पर्यटन और आर्थिक विकास के इंजन भी। कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित हो।” बद्रीनाथ पहुंचने पर राज्यपाल ने भगवान विष्णु के दर्शन किए और मास्टर प्लान के तहत चल रहे विकास कार्यों—जैसे रिवरफ्रंट, लेकफ्रंट और अराइवल प्लाजा—का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक कर श्रद्धालुओं की सुविधाओं, जैसे आवास, परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं, पर चर्चा की।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु
– केदारनाथ पुनर्निर्माण: राज्यपाल ने कमांड एंड कंट्रोल रूम, क्यू मैनेजमेंट सिस्टम, अस्पताल भवन, संगम घाट और आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि स्थल के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। 170 करोड़ रुपये के फंड उपलब्ध हैं, और लक्ष्य दिसंबर 2023 तक अधिकांश कार्य पूरा करने का है। इसके अलावा, वासुकिटाल, गरुड़ चट्टी और लिंचोली जैसे आसपास के क्षेत्रों में स्पिरिचुअल टूरिज्म डेवलपमेंट पर फोकस।
– बद्रीनाथ विकास: मास्टर प्लान के तहत तप्त कुंड, ब्रह्मा कपल, नाराड़ कुंड, सुग्रीव शिला और अलकनंदा नदी तटों का सौंदर्यीकरण। 250 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स में पार्किंग इनस, होटल्स और यूटिलिटी सेंटर्स शामिल हैं। राज्यपाल ने मना गांव को ‘फर्स्ट विलेज ऑफ इंडिया’ के रूप में विकसित करने के सुझाव पर चर्चा की, जो बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देगा।
– नई पहलें: गौरीकुंड-केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट की प्रगति पर संतोष जताया। राज्यपाल ने श्रमिकों से बातचीत की और उनकी कल्याण योजनाओं का जिक्र किया।
पृष्ठभूमि और महत्व
यह दौरा उत्तराखंड सरकार की चल रही पहलों का हिस्सा है, जहां सीएम पुष्कर सिंह धामी और चीफ सेक्रेटरी राधा रतूड़ी ने पहले भी इन साइट्स का निरीक्षण किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने जनवरी 2025 में 3,400 करोड़ रुपये के रोड, रेलवे और रोपवे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया था, जो धामों की कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे। राज्यपाल सिंह का यह विजिट चार धाम यात्रा के सफल संचालन और पुनर्निर्माण को गति देने के लिए प्रेरणादायक है। 2024 में 35 लाख से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे, और 2025 में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
राज्यपाल ने कहा, “ये धाम हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं। पुनर्निर्माण से न केवल आस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।” दौरा समाप्ति पर उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। यह घटना धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में उत्तराखंड की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
