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दिवाली पर यूपी में बिजली खपत का नया रिकॉर्ड: 1490 लाख यूनिट का उपभोग, देश में नंबर-1 बन गया प्रदेश

दिवाली पर यूपी में बिजली खपत का नया रिकॉर्ड: 1490 लाख यूनिट का उपभोग, देश में नंबर-1 बन गया प्रदेश

दीवाली की रौनक ने न सिर्फ घरों को रोशन किया, बल्कि उत्तर प्रदेश में बिजली खपत के मामले में भी नया इतिहास रच दिया। त्योहार के दिन 24 घंटे में प्रदेश में कुल 1490 लाख यूनिट बिजली का उपभोग हुआ, जो पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए देशभर में यूपी को पहले नंबर पर पहुंचा गया। यह आंकड़ा उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के आधिकारिक डेटा पर आधारित है, जो त्योहार की चमक-दमक और बढ़ती ऊर्जा मांग को दर्शाता है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह रिकॉर्ड पिछले वर्ष की तुलना में काफी ऊंचा है, जब दिवाली पर बिजली खपत 1300 लाख यूनिट के आसपास थी। अमर उजाला ने भी पुष्टि की कि इस बार सप्लाई में कोई कमी नहीं आई और सभी बिजलीघर पूरे जोर-शोर से उत्पादन पर थे। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा, “प्रदेश की बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और जनसंख्या के कारण बिजली की मांग में इजाफा होना स्वाभाविक है। हमने सुनिश्चित किया कि कहीं कोई ब्लैकआउट न हो।”

क्यों टूटा रिकॉर्ड? मुख्य कारण

– त्योहार की धूम: दिवाली पर घरों, बाजारों और मंदिरों में रोशनी, सजावट और पटाखों के कारण बिजली की डिमांड रातभर चरम पर रही। लखनऊ, कानपुर और नोएडा जैसे शहरों में LED लाइट्स और डेकोरेशन ने खपत को दोगुना कर दिया।

– बढ़ती जनसंख्या और उद्योग: यूपी की 24 करोड़ से अधिक आबादी और तेजी से बढ़ते उद्योगों ने बेस लोड को मजबूत किया। पिछले 5 वर्षों में औसत पावर डिमांड दोगुनी हो चुकी है।

– गर्मी का असर: अक्टूबर में भी ऊंचे तापमान ने एयर कंडीशनर और फैन की खपत बढ़ाई। पीक डिमांड रात 10 बजे के आसपास 28,000 मेगावाट को पार कर गई।

देशभर में तुलना

यह रिकॉर्ड यूपी को महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों से आगे ले गया। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) के डैशबोर्ड के अनुसार, यूपी अब देश का सबसे बड़ा बिजली उपभोक्ता राज्य बन चुका है। हालांकि, प्रति व्यक्ति खपत अभी भी राष्ट्रीय औसत (1395 यूनिट) से कम (663 यूनिट) है, लेकिन कुल मात्रा में यह नंबर-1 है।

सरकार की तैयारी और भविष्य

UPPCL ने 50,000 मेगावाट से अधिक की क्षमता सुनिश्चित की, जिसमें थर्मल, सोलर और हाइड्रो पावर का मिश्रण था। ऊर्जा विभाग ने कहा कि अगले वर्षों में रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देकर ऐसी मांग को संभालने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिकॉर्ड यूपी की आर्थिक प्रगति का संकेत है, लेकिन ग्रिड की मजबूती पर भी सवाल उठाता है।

दिवाली की इस चमक ने न सिर्फ त्योहार को यादगार बनाया, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छुआ। यदि आप भी इस रिकॉर्ड का हिस्सा बने, तो बधाई हो—यूपी की प्रगति में आपका योगदान!

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