राजनीति

अयोध्या दीपोत्सव में नहीं पहुंचे UP के दोनों डिप्टी CM, विज्ञापन में नाम न आने पर नाराजगी; ऐन वक्त पर दौरा रद्द

अयोध्या दीपोत्सव में नहीं पहुंचे UP के दोनों डिप्टी CM, विज्ञापन में नाम न आने पर नाराजगी; ऐन वक्त पर दौरा रद्द

अयोध्या: उत्तर प्रदेश के भव्य दीपोत्सव 2025 में एक अनचाही सियासी हलचल मच गई। राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री—केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक—नहीं पहुंचे, और उन्होंने ऐन वक्त पर अपना अयोध्या दौरा रद्द कर दिया। सूत्रों के अनुसार, इसका मुख्य कारण सरकारी विज्ञापनों और प्रचार सामग्री में उनके नाम या तस्वीरों का गायब होना है, जिससे दोनों नाराज हो गए। यह घटना राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद होने वाले पहले दीपोत्सव में सियासी मनमुटाव की चर्चा को हवा दे रही है।

विज्ञापन में ‘चूक’: नाराजगी की जड़

दीपोत्सव के सरकारी विज्ञापनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें प्रमुखता से छपीं, लेकिन उपमुख्यमंत्रियों का कोई उल्लेख नहीं था। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के नाम जरूर शामिल थे। सूत्रों ने बताया कि केशव मौर्य ने विज्ञापन देखते ही लखनऊ लौटने का फैसला लिया, जबकि ब्रजेश पाठक ने भी अपना प्लान कैंसिल कर दिया। एक वरिष्ठ BJP नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यह एक साधारण चूक थी, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता को नजरअंदाज कर दिया गया। दोनों ने पार्टी नेतृत्व से बात की, लेकिन दौरा रद्द हो गया।”

केशव मौर्य को बिहार चुनाव के सह-प्रभारी बनाया गया है, इसलिए वे लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। लेकिन ब्रजेश पाठक का दौरा रद्द होना पूरी तरह नाराजगी से जुड़ा लगता है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी अयोध्या जाने का प्लान कैंसिल कर दिया, हालांकि इसका कारण अलग बताया जा रहा है।

अखिलेश का तंज: ‘अबकी बार, डिप्टी CM बाहर’

इस घटना ने विपक्ष को मौका दे दिया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर तंज कसते हुए लिखा, “अयोध्या में दीपोत्सव का इतना बड़ा आयोजन हो रहा है, करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन सरकार के ही दो उप मुख्यमंत्रियों को पोस्टर से बाहर कर दिया गया। क्या अब भाजपा में सीएम के आगे किसी की बात नहीं सुनी जाती? जनता पूछ रही है कि यूपी की बीजेपी सरकार में ‘उप मुख्यमंत्री’ के दोनों पद समाप्त कर दिए गए हैं क्या?”अखिलेश ने इसे “संदेश” करार दिया, जो BJP की आंतरिक कलह को उजागर करता है।

BJP का बचाव: ‘व्यस्तता और संयोग’

BJP ने इसे राजनीतिक रंग देने से इनकार किया। पार्टी प्रवक्ता ने कहा, “दीपोत्सव का फोकस मुख्यमंत्री और PM पर है। डिप्टी CM बिहार चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कामों में व्यस्त हैं। यह संयोग है, कोई विवाद नहीं।” लेकिन सियासी हलकों में चर्चा है कि यह BJP के भीतर सत्ता संतुलन की जद्दोजहद को दर्शाता है। एक विश्लेषक ने कहा, “यह छोटी सी ‘चूक’ बड़ी राजनीति का हिस्सा बन गई। 2027 चुनावों से पहले BJP को एकजुटता दिखानी होगी।”

दीपोत्सव में 26 लाख दीयों का प्रज्वलन और दो गिनीज रिकॉर्ड बने, लेकिन डिप्टी CM की अनुपस्थिति ने इसे सियासी रंग दे दिया। योगी सरकार ने चुप्पी साध रखी है, लेकिन मामला ठंडा होने में समय लगेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *