तेजप्रताप यादव पर FIR: नामांकन रैली में पुलिस स्टीकर वाली गाड़ी का इस्तेमाल, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन
तेजप्रताप यादव पर FIR: नामांकन रैली में पुलिस स्टीकर वाली गाड़ी का इस्तेमाल, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेजप्रताप यादव को आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में महुआ थाने में FIR दर्ज हो गई। मामला 16 अक्टूबर को वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से नामांकन भरने के दौरान का है, जब तेजप्रताप ने अपनी प्राइवेट गाड़ी पर पुलिस का स्टीकर, सायरन और नीली बत्ती लगाकर प्रचार रैली निकाली। वायरल वीडियो के आधार पर अंचल अधिकारी ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई, जो चुनाव आयोग के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है।
तेजप्रताप यादव, जो RJD से निष्कासित होने के बाद JJD की स्थापना कर महुआ से चुनाव लड़ रहे हैं, ने नामांकन के दौरान बोलेरो गाड़ी पर पुलिस का लोगो और सायरन लाइट लगाई थी। वीडियो में वे पार्टी झंडा लहराते कार्यकर्ताओं के साथ नजर आ रहे हैं, जबकि गाड़ी पर स्पष्ट रूप से पुलिस स्कॉर्ट का चिन्ह दिख रहा है। चुनाव आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक, किसी उम्मीदवार को प्रचार के लिए पुलिस गाड़ी, स्टीकर या स्कॉर्ट की सुविधा नहीं मिल सकती। अंचल अधिकारी ने महुआ थाने में IPC की धारा 188 (सार्वजनिक आदेश का उल्लंघन) और प्रतिनिधि आचार संहिता के तहत मामला दर्ज कराया। पुलिस ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है, और तेजप्रताप को नोटिस जारी किया जा सकता है।
यह घटना बिहार चुनाव के पहले चरण (6 नवंबर) से ठीक पहले आई है, जब महागठबंधन में सीट बंटवारे की खींचतान चल रही है। तेजप्रताप ने नामांकन पत्र में 8 आपराधिक मामलों का उल्लेख किया, जिनमें हत्या (धारा 302), दहेज उत्पीड़न, SC-ST एक्ट और आर्म्स एक्ट शामिल हैं, लेकिन वे किसी में दोषी नहीं ठहराए गए। JJD ने अब तक 21 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, लेकिन यह FIR पार्टी की छवि को प्रभावित कर सकती है।
विपक्ष ने इसे “राजनीतिक साजिश” बताया, जबकि BJP ने कहा, “तेजप्रताप का पुराना रिकॉर्ड ही उनकी पहचान है।” पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई का ऐलान किया है। यह मामला चुनावी माहौल को और गर्म कर सकता है।
