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“खिलाड़ी सेलेक्टर्स से डरते हैं”: अजिंक्य रहाणे ने BCCI सिलेक्शन सिस्टम पर साधा निशाना, मांगा बड़ा बदलाव

“खिलाड़ी सेलेक्टर्स से डरते हैं”: अजिंक्य रहाणे ने BCCI सिलेक्शन सिस्टम पर साधा निशाना, मांगा बड़ा बदलाव

भारतीय क्रिकेट में सेलेक्शन प्रक्रिया पर बहस छिड़ गई है, जब टीम इंडिया के सीनियर बल्लेबाज और पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने BCCI के चयनकर्ताओं पर तीखा हमला बोला। रहाणे ने कहा, “भारतीय खिलाड़ी सेलेक्टर्स से डरते हैं,” और सिलेक्शन सिस्टम में बड़े सुधार की मांग की। उन्होंने हाल ही में रिटायर हुए फर्स्ट क्लास खिलाड़ियों को सेलेक्टर्स बनाने का सुझाव दिया, ताकि मॉडर्न क्रिकेट की समझ बेहतर हो। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर पर सवाल खड़े कर रहा है।

रहाणे का यह बयान एक हालिया इंटरव्यू में आया, जहां उन्होंने इंडियन क्रिकेट के घरेलू सिलेक्शन सिस्टम की कमियों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों को सेलेक्टर्स से डरना नहीं चाहिए। वर्तमान सिस्टम में चयनकर्ताओं की नियुक्ति पुरानी हो चुकी है। हाल ही में रिटायर हुए खिलाड़ियों को ही सेलेक्टर बनाना चाहिए, क्योंकि वे IPL, T20 और मॉडर्न गेम की डिमांड को बेहतर समझते हैं।” रहाणे ने जोर देकर कहा कि इससे युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और सिलेक्शन पारदर्शी बनेगा। उनका मानना है कि अनुभवी लेकिन पुराने सेलेक्टर्स मॉडर्न फॉर्मेट की बारीकियों को नजरअंदाज कर देते हैं।

रहाणे खुद लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर हैं। 2023 के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद उनकी वापसी हुई, लेकिन एशिया कप और हाल के टेस्ट सीरीज में जगह न मिलने से वे घरेलू क्रिकेट पर फोकस कर रहे हैं। रणजी ट्रॉफी 2024-25 में मुंबई के लिए शानदार फॉर्म दिखा चुके रहाणे ने कहा, “मैंने सेलेक्टर्स से बात करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खिलाड़ी बस खेलते रहें, लेकिन सिस्टम में सुधार जरूरी है।” यह बयान BCCI की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से उनके बाहर होने की पुरानी चर्चाओं को भी हवा दे रहा है।

क्रिकेट जगत में रहाणे के बयान ने हलचल मचा दी है. पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने समर्थन करते हुए कहा, “रहाणे सही कह रहे हैं। सिलेक्शन में पारदर्शिता और युवा समझ की जरूरत है।” वहीं, बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, “सिलेक्शन प्रक्रिया पहले से ही पारदर्शी है। रहाणे का फॉर्म ही मुद्दा है।” चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन सोर्स बताते हैं कि BCCI इस मुद्दे पर जल्द बैठक कर सकता है।

यह विवाद भारतीय क्रिकेट में चल रही बहस को तेज कर रहा है, जहां IPL और T20 के दबदबे ने टेस्ट क्रिकेट को प्रभावित किया है। रहाणे ने आगे कहा, “खिलाड़ी PR टीमों पर निर्भर न रहें, परफॉर्मेंस ही सबकुछ है।” विशेषज्ञों का मानना है कि रहाणे का सुझाव BCCI के लिए गंभीरता से विचारणीय है। फिलहाल, रहाणे डोमेस्टिक सीजन पर फोकस कर रहे हैं, और फैंस उनकी टीम में वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। क्या BCCI सुधार करेगा? आने वाले दिनों में साफ होगा।

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