80 साल में चौथी बार: टाटा मोटर्स का नाम बदल गया, अब ‘Tata Motors Passenger Vehicles Limited’ से बिकेंगी गाड़ियां
80 साल में चौथी बार: टाटा मोटर्स का नाम बदल गया, अब ‘Tata Motors Passenger Vehicles Limited’ से बिकेंगी गाड़ियां
टाटा मोटर्स ने अपने 80 साल के लंबे इतिहास में चौथी बार नाम बदल लिया है। कंपनी ने मंगलवार को घोषणा की कि अब पैसेंजर वाहन (कार, SUV, EV और जगुआर लैंड रोवर) का कारोबार ‘Tata Motors Passenger Vehicles Limited’ के नाम से चलेगा। यह बदलाव कंपनी के डिमर्जर के बाद हुआ है, जिसमें कमर्शियल वाहन (ट्रक, बस) का हिस्सा अलग हो गया। डिमर्जर 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हो चुका है, और रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर को तय की गई। अब शेयरधारकों को दोनों नई इकाइयों में एक-एक शेयर मिलेगा। यह कदम कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रेटजी का हिस्सा है, जो पैसेंजर वाहनों पर फोकस बढ़ाएगा।
टाटा मोटर्स का सफर 1945 से शुरू हुआ, जब यह TELCO (Tata Engineering and Locomotive Company) के नाम से लोकomotives बनाती थी। 1949 में नाम बदला गया, फिर 2004 में TELCO से Tata Motors Limited हुआ। 2019 में मामूली बदलाव के बाद अब यह चौथा बड़ा परिवर्तन है। डिमर्जर के तहत पैसेंजर वाहन इकाई Tata Motors Passenger Vehicles Limited बनेगी, जो कारों, इलेक्ट्रिक वाहनों और JLR का कारोबार संभालेगी। दूसरी ओर, कमर्शियल वाहन इकाई TML Commercial Vehicles Limited पहले Tata Motors Limited का नाम लेगी। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने अगस्त-सितंबर में इसे मंजूरी दी।
कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रसेकरन ने कहा, “यह रिस्ट्रक्चरिंग हमें दो फोकस्ड इकाइयों में बदल देगी। पैसेंजर वाहन इकाई में इनोवेशन और ग्रोथ पर जोर होगा।” पैसेंजर इकाई में टाटा नेक्सन, पंच, हैरियर जैसी गाड़ियां, EV बिजनेस (जैसे टिगोर EV), और JLR (रेंज रोवर, जगुआर) शामिल हैं। यह बदलाव EV मार्केट में टाटा की मजबूती को बढ़ाएगा, जहां कंपनी का मार्केट शेयर 70% से ज्यादा है। कमर्शियल इकाई ट्रक-बस पर फोकस करेगी, जो भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर की रीढ़ है।
शेयर बाजार पर रिएक्शन मिला-जुला रहा। डिमर्जर की घोषणा के बाद टाटा मोटर्स का शेयर 1.2% गिरा, लेकिन पैसेंजर इकाई की लिस्टिंग नवंबर में होने से निवेशक उत्साहित हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि यह कदम JLR की चुनौतियों (जैसे साइबर अटैक और टैरिफ) से पैसेंजर बिजनेस को अलग करेगा। ब्रोकरेज फर्म्स ने ‘बाय’ रेटिंग दी, टारगेट प्राइस 1,200 रुपये।
टाटा ग्रुप की यह रणनीति EV और लग्जरी सेगमेंट में ग्लोबल एक्सपैंशन को तेज करेगी। भारत में पैसेंजर वाहन मार्केट 2025 में 5 मिलियन यूनिट्स का अनुमान है, जहां टाटा की हिस्सेदारी 15% है। कंपनी ने कहा, “नया नाम बदलाव नहीं, बल्कि स्पेशलाइजेशन का प्रतीक है।” फिलहाल, गाड़ियां नए नाम से ही बिकेंगी, लेकिन ब्रांडिंग में ‘Tata’ का जादू बरकरार रहेगा। यह कदम ऑटो इंडस्ट्री में नए दौर की शुरुआत है।
