मलेशिया में भारत-पाक हॉकी खिलाड़ियों ने हाथ मिलाया: सुल्तान ऑफ जोहोर कप में खत्म हुआ हैंडशेक विवाद?
मलेशिया में भारत-पाक हॉकी खिलाड़ियों ने हाथ मिलाया: सुल्तान ऑफ जोहोर कप में खत्म हुआ हैंडशेक विवाद?
भारत और पाकिस्तान के बीच खेल मैदान पर तनावपूर्ण संबंधों के बीच एक सकारात्मक मोड़ आया है। मलेशिया के जोहोर बहारू में चल रहे सुल्तान ऑफ जोहोर कप अंडर-21 हॉकी टूर्नामेंट के भारत-पाक मुकाबले से पहले दोनों टीमों के युवा खिलाड़ियों ने हाई-फाइव और हाथ मिलाकर खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय गान के बाद यह गर्मजोशी भरा स्वागत हाल के क्रिकेट विवादों के बाद खासा चर्चित हो गया, जहां भारतीय टीम ने हाथ न मिलाने का फैसला लिया था। क्या यह हैंडशेक विवाद का अंत है? विशेषज्ञों का मानना है कि युवा स्तर पर यह कदम सकारात्मक है, लेकिन वरिष्ठ स्तर पर राजनीतिक तनाव बरकरार रहेगा।
मंगलवार दोपहर तमन दया हॉकी स्टेडियम में हुए इस मैच से पहले भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ी मैदान पर उतरे। दोनों देशों के राष्ट्रगान बजने के बाद खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को हाई-फाइव देकर अभिवादन किया, जो दर्शकों के बीच तालियों की गड़गड़ाहट लेकर आया। भारत की ओर से कप्तान सुखविंदर सिंह ने पाकिस्तानी टीम को शुभकामनाएं दीं, जबकि पाकिस्तान के कप्तान हानिफ खान ने कहा, “यह खेल है, दुश्मनी नहीं।” मैच भारत ने 3-1 से जीता, लेकिन प्री-मैच का यह पल सुर्खियों में छा गया।
यह घटना एशिया कप 2025 के क्रिकेट मैचों के ठीक बाद आई, जहां भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ न मिलाने का फैसला लिया था। सितंबर में दुबई में हुए एशिया कप ग्रुप स्टेज मैच में भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया, लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पोस्ट-मैच हैंडशेक से इनकार कर दिया। उन्होंने इसे अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि बताया। पाकिस्तान ने आईसीसी में शिकायत दर्ज की, लेकिन बीसीसीआई ने कहा कि हाथ मिलाना परंपरा है, कानून नहीं। इसी तरह महिला वर्ल्ड कप में भी भारतीय टीम ने हाथ न मिलाया। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (पीएचएफ) ने तो अपने युवा खिलाड़ियों को पहले ही सलाह दी थी कि अगर भारतीय न मिलाएं तो नजरअंदाज करें। लेकिन मलेशिया में सब कुछ उलट गया।
सुल्तान ऑफ जोहोर कप का यह मुकाबला भारत-पाक के बीच तीसरा हॉकी टकराव था। भारत ने टूर्नामेंट में अब तक दोनों मैच जीते हैं—मलेशिया को 7-1 और ग्रेट ब्रिटेन को हराया—जबकि पाकिस्तान का रिकॉर्ड एक जीत और एक हार का है। पीएचएफ अधिकारी ने कहा, “हमने खिलाड़ियों को मानसिक रूप से तैयार किया था, लेकिन भारतीयों का यह कदम सराहनीय है।” पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान डीपक ठाकुर ने ट्वीट किया, “युवा खिलाड़ी सिखा रहे हैं कि खेल मैदान पर एकजुटता का प्रतीक है।” हालांकि, क्रिकेट में यह विवाद बरकरार है, जहां पाकिस्तान ने एशिया कप फाइनल से पहले भी सवाल उठाए थे।
यह घटना भारत-पाक खेल संबंधों में नई उम्मीद जगाती है। मलेशिया में साफ हवा और हरी-भरी पिच पर खिलाड़ियों का यह मिलन राजनीतिक तनाव के बीच एक मिसाल बन गया। टूर्नामेंट 20 अक्टूबर तक चलेगा, और अगला भारत-पाक मुकाबला नवंबर में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में हो सकता है। क्या यह हैंडशेक विवाद का अंत है? शायद युवा स्तर पर हां, लेकिन वरिष्ठ खेलों में अभी लंबा सफर बाकी है। खेल प्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि मैदान पर कम से कम हाथ तो मिलते रहें।
