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दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू: प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति पर CAQM ने कसी नकेल, जानें क्या-क्या प्रतिबंध

दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू: प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति पर CAQM ने कसी नकेल, जानें क्या-क्या प्रतिबंध

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने मंगलवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-1 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 211 तक पहुंच गया, जो ‘पुअर’ श्रेणी में आता है। यह फैसला IMD और IITM की मौसम पूर्वानुमान रिपोर्ट के आधार पर लिया गया, जिसमें आने वाले दिनों में प्रदूषण स्तर ‘पुअर’ रेंज में बने रहने की चेतावनी दी गई है।

CAQM की सब-कमिटी ने सोमवार को बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और फैसला लिया कि स्टेज-1 के तहत 27 निवारक उपायों को सख्ती से लागू किया जाए। यह कदम प्रदूषण को स्रोत पर ही रोकने के लिए उठाया गया है, ताकि स्थिति और बिगड़े बिना नियंत्रण में लाया जा सके। CAQM ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान की सरकारों को भी निर्देश जारी किए हैं, क्योंकि इन राज्यों के कुछ हिस्से एनसीआर में आते हैं। दिल्ली में पिछले 124 दिनों तक साफ हवा का सिलसिला चला था—77 दिन ‘संतोषजनक’ और 47 ‘मॉडरेट’ श्रेणी में—लेकिन अब स्मॉग सीजन की शुरुआत के साथ प्रदूषण फिर लौट आया है।

GRAP स्टेज-1 के तहत मुख्य प्रतिबंध इस प्रकार हैं:

– निर्माण गतिविधियों पर पाबंदी: दिल्ली-एनसीआर में सभी निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के सख्त उपाय, जैसे पानी छिड़काव और कवरिंग अनिवार्य। सड़क, फ्लाईओवर और मेट्रो प्रोजेक्ट्स पर भी धूल दमन जरूरी।

– औद्योगिक उत्सर्जन नियंत्रण: 11 संकटग्रस्त औद्योगिक क्षेत्रों (जैसे नरेला, कुतुबगढ़) में भारी ईंधन (फॉसिल फ्यूल) से चलने वाले जनरेटर पर रोक। गैंगो (CNG/BS-VI डीजल) से चलने वाले ही अनुमति।

– वाहनों पर निगरानी: दिल्ली के बॉर्डर पर 50% से अधिक प्रदूषणकारी वाहनों (ट्रक, डीजल) की एंट्री प्रतिबंधित। ईंधन स्टेशनों पर BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल की बिक्री बंद।

– कचरा जलाने पर सख्ती: खुले में कचरा या बायोमास जलाने पर जुर्माना। नगर निगमों को वैकल्पिक ईंधन वाले स्वीपर्स का उपयोग अनिवार्य।

– अन्य उपाय: सड़क जंक्शनों पर यातायात पुलिस की तैनाती बढ़ाना, पार्किंग शुल्क 2-4 गुना बढ़ाना ताकि कार पूलिंग को बढ़ावा मिले।

CAQM ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि ये उपायों की निगरानी सतत रखें और AQI के और गिरने पर स्टेज-2 की तैयारी करें। नागरिकों से अपील की गई है कि वाहनों की मेंटेनेंस रखें, टायर प्रेशर चेक करें, धूल से बचाव के लिए मास्क पहनें और प्रदूषण शिकायतों के लिए ग्रीन दिल्ली ऐप या 311 पर संपर्क करें। पटाखों पर साल भर पाबंदी जारी रहेगी, जिसमें उत्पादन, बिक्री और भंडारण शामिल है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला समय पर है, क्योंकि सर्दियों में पराली जलाने और वाहनों से प्रदूषण चरम पर पहुंच जाता है। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने ट्वीट कर कहा, “प्रदूषण के खिलाफ युद्ध में सभी की भागीदारी जरूरी। एनसीआर में साफ हवा का लक्ष्य हासिल करेंगे।” विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए हैं कि लंबे समय के उपाय क्यों नहीं हो रहे। फिलहाल, CAQM रोजाना AQI की समीक्षा करेगा। यह कदम दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य को बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, लेकिन सतत प्रयासों की आवश्यकता है।

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