बिहार चुनाव 2025: मांझी की HAM ने 6 सीटों पर उतारे उम्मीदवार, बहू दीपा को इमामगंज से टिकट
बिहार चुनाव 2025: मांझी की HAM ने 6 सीटों पर उतारे उम्मीदवार, बहू दीपा को इमामगंज से टिकट
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणभेरी बजते ही एनडीए गठबंधन में शामिल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) [HAM(S)] ने मंगलवार को अपनी सभी 6 सीटों पर उम्मीदवारों की पूरी सूची जारी कर दी। पूर्व केंद्रीय मंत्री और HAM प्रमुख जीतन राम मांझी की बहू दीपा कुमारी को गया जिले की इमामगंज विधानसभा सीट से टिकट देकर पार्टी ने परिवारिक दांव खेला है। यह घोषणा एनडीए की सीट बंटवारे के बाद आई है, जिसमें HAM को 6 सीटें मिली हैं, जबकि बीजेपी और जेडीयू को 101-101 सीटें आवंटित की गई हैं।
पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में HAM के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने उम्मीदवारों का ऐलान किया। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी महादलित, अति पिछड़ा और अन्य वंचित वर्गों की आवाज है। इन 6 सीटों पर हम मजबूत दावेदारी पेश करेंगे और एनडीए को पूर्ण बहुमत दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।” मांझी ने सीट बंटवारे पर संतोष जताया, लेकिन पहले की तरह 20 सीटों की मांग न मानने पर भी गठबंधन की मजबूती पर भरोसा जताया।
HAM की उम्मीदवार सूची इस प्रकार है:
– इमामगंज (गया): दीपा कुमारी (जीतन राम मांझी की बहू)
– तेकारी (गया): अनिल कुमार
– बरचट्टी (गया): ज्योति देवी
– अन्य तीन सीटें: कुक्षर (मुंगेर), अमरपुर (बांका) और बेलागंज (जहानाबाद) से क्रमशः मनोज कुमार, रमेश सिंह और सुनीता देवी को टिकट दिए गए हैं।
दीपा कुमारी का नाम सबसे चर्चित है। 2024 लोकसभा चुनाव जीतने के बाद मांझी ने इमामगंज सीट खाली की थी, जिस पर दीपा ने उपचुनाव जीता था। अब विधानसभा चुनाव में भी उन्हें ही मौका देकर पार्टी ने मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश की है। दीपा ने कहा, “मैं पिताजी (मांझी) के मार्गदर्शन में वंचितों के उत्थान के लिए काम करूंगी। इमामगंज में विकास की नई इबारत लिखेंगी।” उनके पति संतोष कुमार मांझी भी राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं, जो पार्टी को मजबूती दे रहे हैं।
यह घोषणा एनडीए के लिए सकारात्मक संकेत है। बीजेपी ने पहले ही 71 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जिसमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (तरापुर) और विजय कुमार सिन्हा (लखीसराय) शामिल हैं। जेडीयू भी जल्द अपनी लिस्ट जारी करने वाली है। दूसरी ओर, महागठबंधन में RJD और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर विवाद जारी है, जिससे विपक्षी खेमे में हलचल मच गई है।
मांझी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “RJD और महागठबंधन भ्रष्टाचार और जातिवाद की राजनीति करते हैं, जबकि एनडीए विकास और समावेशी शासन का प्रतीक है।” विशेषज्ञों का मानना है कि HAM की ये 6 सीटें गया-मुंगेर बेल्ट में दलित-महादलित वोटों को एकजुट कर सकती हैं, जो 2020 में पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हुई थीं। चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होंगे, जबकि 14 नवंबर को नतीजे आएंगे।
HAM के इस कदम से बिहार की सियासत में नया आयाम जुड़ गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है, और मांझी ने प्रचार अभियान तेज करने का ऐलान किया है। फिलहाल, एनडीए मजबूत दिख रहा है, जबकि विपक्ष को एकजुट होने की चुनौती है।
