जैसलमेर हाईवे पर दर्दनाक हादसा: चलती बस में भीषण आग, 12-15 यात्रियों की मौत, कई झुलसे
जैसलमेर हाईवे पर दर्दनाक हादसा: चलती बस में भीषण आग, 12-15 यात्रियों की मौत, कई झुलसे
राजस्थान के जैसलमेर जिले में मंगलवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक निजी एसी स्लीपर बस अचानक आग की लपटों में घिर गई, जिसमें कम से कम 12 से 15 यात्रियों की मौत हो गई। घटना में तीन बच्चों और चार महिलाओं समेत 16 से अधिक यात्री गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
घटना दोपहर करीब 3:30 बजे जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर थईयात गांव के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में 57 यात्री सवार थे। बस दोपहर 3 बजे जैसलमेर से रवाना हुई थी और महज 20 किलोमीटर दूर पहुंचते ही उसके पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा। कुछ ही पलों में आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। बस धू-धू कर जलने लगी और आसमान में काला धुआं छा गया। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री खिड़कियां तोड़कर या दरवाजे से कूदकर बाहर निकले, लेकिन आग की तेज लपटों के कारण कई अंदर ही फंस गए।
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और पास के आर्मी बेस के जवानों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। दमकल विभाग की दो गाड़ियां भी कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंचीं और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। झुलसे यात्रियों को एंबुलेंस से जैसलमेर के राजकीय जवाहर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। गंभीर रूप से घायलों को जोधपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, मौतों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई मरीजों में 80 प्रतिशत से अधिक जलन है।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या इंजन का अधिक गर्म होना बताया जा रहा है। पुलिस ने बस चालक और परिचालक से पूछताछ शुरू कर दी है। एसपी जैसलमेर हरि राम ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। तकनीकी खराबी की आशंका पर वाहन की फिटनेस जांचा जाएगा।
हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “जैसलमेर हादसे से स्तब्ध हूं। मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता और घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।” जिला कलेक्टर प्रतीभा सिंह भी अस्पताल पहुंचीं और घायलों का हाल जाना। विपक्षी नेता भी इस घटना की निंदा कर चुके हैं।
यह हादसा राजस्थान में सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी बसों की नियमित जांच जरूरी है। फिलहाल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और पुलिस ने हाईवे पर ट्रैफिक को नियंत्रित कर लिया है। पीड़ित परिवारों के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। यह घटना बिहार चुनाव की सरगर्मियों के बीच राजस्थान की सियासत को भी प्रभावित कर सकती है, जहां सड़क दुर्घटनाओं को मुद्दा बनाया जाता रहा है।
