राष्ट्रीय

​मेघालय पुलिस की ‘बड़ी चूक’ और सोनम रघुवंशी को जमानत

मेघालय के शिलांग में अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार सोनम रघुवंशी को अदालत से जमानत मिल गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की एक बड़ी लापरवाही सोनम की रिहाई का मुख्य कारण बनी।

​मेघालय पुलिस की ‘बड़ी चूक’ और सोनम रघुवंशी को जमानत

​हनीमून के दौरान पति की हत्या के आरोप में घिरी सोनम रघुवंशी को शिलांग की एक अदालत ने जमानत दे दी है। यह फैसला तब आया जब अदालत ने पाया कि मेघालय पुलिस ने दस्तावेजों में ‘लिपिकीय त्रुटि’ (Clerical Error) की है, जिसके कारण सोनम की गिरफ्तारी और हिरासत संवैधानिक रूप से अवैध हो गई।

​अदालत की फटकार: “इतनी सारी गलतियां महज इत्तेफाक नहीं”

​शिलांग के अतिरिक्त डीसी (न्यायिक) दशालेना आर खारबतेंग ने पुलिस के तर्कों को खारिज करते हुए कड़े शब्दों में आदेश दिया:

​गलत धाराओं का उल्लेख: पुलिस ने दस्तावेजों में धारा 103(1) BNS (हत्या) जैसी गंभीर धारा के बजाय गलती से धारा 403(1) का उल्लेख किया था।

​सूचना का अभाव: कोर्ट ने कहा कि आरोपी को यह कभी बताया ही नहीं गया कि उसे वास्तव में हत्या के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया जा रहा है।

​दस्तावेजों में एकरूपता: पुलिस ने इसे ‘टाइपिंग की गलती’ बताया, लेकिन कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी ज्ञापन, निरीक्षण ज्ञापन, केस डायरी और अधिकारों की सूचना—सभी में एक ही गलत धारा होना केवल एक ‘चूक’ नहीं हो सकती।

​कोर्ट का फैसला: “चूंकि आरोपी को गिरफ्तारी के सही आधार नहीं बताए गए, इसलिए उसकी प्रारंभिक गिरफ्तारी और उसके बाद की रिमांड व हिरासत पूरी तरह अवैध है।”

​इन 4 शर्तों पर मिली जमानत

​अदालत ने सोनम रघुवंशी को जेल से रिहा करने के लिए निम्नलिखित शर्तें रखी हैं:

​साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं: आरोपी न तो फरार होगी और न ही गवाहों या सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश करेगी।

​कोर्ट में उपस्थिति: सोनम को सुनवाई की हर निर्धारित तारीख पर अदालत में पेश होना होगा।

​अधिकार क्षेत्र का पालन: बिना अदालत की अनुमति के वह अदालत के अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) से बाहर नहीं जा सकती।

​मुचलका: सोनम को 50,000 रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि के दो जमानती (Sureties) पेश करने होंगे।

​क्या था पूरा मामला?

​तारीख और स्थान: 20 मई को गाजीपुर का यह जोड़ा हनीमून के लिए गुवाहाटी और शिलांग गया था।

​घटना: 23 मई को उनके लापता होने की खबर आई। 2 जून को मेघालय की एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ।

​आरोप: जांच में सामने आया कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और अन्य साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी।

​गिरफ्तारी: सोनम ने गाजीपुर में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद उसे और उसके साथियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

​कानूनी पहलू और सवाल

​पुलिस की इस लापरवाही ने अभियोजन पक्ष के मामले को कमजोर कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि हत्या जैसे संवेदनशील मामले में पुलिस ने इतनी बड़ी तकनीकी चूक कैसे की, जिससे मुख्य आरोपी को कानूनी लाभ मिल गया। फिलहाल सोनम के अन्य साथी अब भी हिरासत में हैं, लेकिन सोनम की रिहाई ने जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *