लाहौर में हिंसा का तांडव: TLP चीफ मौलाना साद रिजवी को गोली लगी, गंभीर घायल, पार्टी ने पुलिस को ठहराया
लाहौर में हिंसा का तांडव: TLP चीफ मौलाना साद रिजवी को गोली लगी, गंभीर घायल – पार्टी ने पुलिस को ठहराया
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के लाहौर और मुरीदके इलाके में रविवार रात से जारी हिंसक प्रदर्शनों ने सोमवार सुबह भयानक रूप ले लिया। तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के चीफ हाफिज साद हुसैन रिजवी को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा गोली मार दी गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। TLP के प्रवक्ता ने बताया कि रिजवी को तीन गोलियां लगी हैं और उनका ऑपरेशन चल रहा है। पार्टी ने इसे “इजरायली गुंडों” की साजिश करार देते हुए पुलिस और रेंजर्स पर हमला बोला, जबकि सरकार ने इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने का कदम बताया। प्रदर्शनों में अब तक 250 से ज्यादा TLP कार्यकर्ता मारे गए और 1,500 से अधिक घायल हुए हैं, जबकि पुलिस की ओर से भी एक SHO की मौत की खबर है।यह सब फिलिस्तीन समर्थन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा शांति प्लान के खिलाफ TLP के ‘लब्बैक या अक्सा मिलियन मार्च’ के दौरान हुआ।
घटना का क्रम: प्रदर्शन से गोलीबारी तक
– प्रदर्शन की शुरुआत: TLP ने शुक्रवार को लाहौर से ‘गाजा मार्च’ शुरू किया, जो इस्लामाबाद पहुंचकर अमेरिकी दूतावास के बाहर धरना देने वाला था। मार्च का मकसद पाकिस्तान सरकार पर इजरायल-विरोधी रुख अपनाने का दबाव बनाना था। रविवार रात मुरीदके (शेखुपुरा जिला) में मार्च रुक गया, जहां TLP ने कहा कि सरकार बातचीत के लिए रुके। लेकिन रात 2 बजे के आसपास पाकिस्तानी रेंजर्स और पंजाब पुलिस ने TLP मुख्यालय पर छापा मारा।
– गोलीबारी का मंजर: सुबह 5 बजे के करीब सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर अंधाधुंध फायरिंग की। TLP के अनुसार, साद रिजवी को तीन गोलियां लगीं – एक सीने में, दो पेट में। उनके छोटे भाई अनस रिजवी भी घायल बताए जा रहे हैं। TLP कार्यकर्ताओं ने जवाब में पुलिस वाहनों पर हमला किया, आगजनी की और सड़कें जाम कर दीं। लाहौर के नाला स्टॉप, शाहदरा और कराची के 4K चौकरी में भारी झड़पें हुईं।
– TLP का आरोप: पार्टी ने बयान जारी कर कहा, “ये इजरायली गुंडे हैं जो हमारे मौलाना पर हमला कर रहे हैं। हम गाजा के लिए लड़ रहे थे, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने मुसलमानों का खून बहाया।” TLP ने पूरे पाकिस्तान को ब्लॉक करने का आह्वान किया है।
नुकसान और पुलिस का पक्ष
– हानि: TLP के दावे के मुताबिक, 282 कार्यकर्ता मारे गए और 1,900 से ज्यादा घायल। पंजाब पुलिस चीफ उस्मान अनवर ने कहा कि एक SHO की मौत हुई, 100 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं और कई पुलिसकर्मी लापता हैं। लाहौर के अस्पतालों में घायलों की भारी संख्या है।
– सरकारी कार्रवाई: इंटरनेट सेवाएं लाहौर, रावलपिंडी, इस्लामाबाद में सस्पेंड। लाहौर-इस्लामाबाद मोटरवे बंद। 1,200 से ज्यादा पैरामिलिट्री फोर्स तैनात। सरकार ने इसे “कानून व्यवस्था” का मामला बताया, लेकिन TLP पर 2021 जैसी कार्रवाई का आरोप लगाया।
– साद रिजवी कौन?: 31 वर्षीय साद रिजवी TLP के संस्थापक खादिम हुसैन रिजवी के बेटे हैं। 2020 में पिता की मौत के बाद वे चीफ बने। TLP ईशनिंदा कानूनों और कट्टर इस्लामी शासन की मांग करता है। 2021 में फ्रांस दूतावास विवाद पर गिरफ्तारी के बाद बड़े प्रदर्शन हुए थे।
देशव्यापी प्रभाव: प्रदर्शन फैल रहे
प्रदर्शन कराची, रावलपिंडी, इस्लामाबाद तक फैल चुके हैं। TLP ने कहा कि वे पीछे नहीं हटेंगे और गाजा के समर्थन में मार्च जारी रखेंगे। पाकिस्तान सरकार ने बातचीत की पेशकश की है, लेकिन तनाव चरम पर है। यह घटना पाकिस्तान की आंतरिक अस्थिरता को उजागर करती है, जहां TLP जैसे कट्टर संगठन सरकार के लिए सिरदर्द बने रहते हैं।
