दमोह जिले के सतारिया गांव में जातीय दबाव: युवक को ब्राह्मण के पैर धोने को मजबूर किया, AI तस्वीर को लेकर विवाद
दमोह जिले के सतारिया गांव में जातीय दबाव: युवक को ब्राह्मण के पैर धोने को मजबूर किया, AI तस्वीर को लेकर विवाद
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के सतारिया गांव में जातीय तनाव ने एक बार फिर समाज को झकझोर दिया है। एक दलित युवक को ब्राह्मण समुदाय के दबाव में एक ब्राह्मण व्यक्ति के पैर धोकर उसका पानी पीने के लिए मजबूर किया गया। यह घटना तब घटी जब युवक ने सोशल मीडिया पर ब्राह्मण व्यक्ति की अपमानजनक AI-जनरेटेड तस्वीर पोस्ट की थी, जिससे गांव में विवाद भड़क गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तनाव बरकरार है।
घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है। 25 वर्षीय दलित युवक, जिसका नाम संजय अहिरवार है, ने फेसबुक पर एक स्थानीय ब्राह्मण नेता की AI-जनरेटेड तस्वीर शेयर की। तस्वीर में ब्राह्मण व्यक्ति को अपमानजनक स्थिति में दिखाया गया था, जो जातिगत पूर्वाग्रह से प्रेरित लग रही थी। तस्वीर वायरल होते ही ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने नाराजगी जताई और युवक को गांव के चौपाल पर बुला लिया। वहां सवर्ण जाति के करीब 20-25 लोगों ने उसे घेर लिया और जातीय दबाव बनाकर ब्राह्मण व्यक्ति के पैर धोने को कहा। युवक ने विरोध किया, लेकिन धमकियों के आगे मजबूर हो गया। पैर धोने के बाद उसे उस पानी को पीने के लिए बाध्य किया गया, जो अपमान का प्रतीक माना जाता है।
युवक के चचेरे भाई ने बताया, “संजय ने मजाक में तस्वीर बनाई थी, लेकिन वे लोग जाति का राग अलापने लगे। हमारा परिवार डर के मारे घर से बाहर है।” वीडियो वायरल होने के बाद गांव में तनाव फैल गया। कुछ लोगों ने सवर्णों के घरों पर पथराव की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने संभाल लिया। पुलिस ने शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंचकर युवक का बयान दर्ज किया। थाना प्रभारी रामकुमार पटेल ने कहा, “FIR दर्ज कर ली गई है। IPC की धारा 506 (आपराधिक धमकी), 341 (गलत तरीके से बंधक बनाना) और SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज है। आरोपी चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। जांच जारी है।”
यह घटना दमोह जिले में हाल के वर्षों की तीसरी ऐसी घटना है, जहां सोशल मीडिया पोस्ट ने जातीय हिंसा को जन्म दिया। 2023 में इसी जिले के एक गांव में फेसबुक पोस्ट पर दलित युवती को पीटा गया था। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश कुशवाहा ने कहा, “AI टूल्स का दुरुपयोग बढ़ रहा है। जातिगत अपमान रोकने के लिए सख्त कानून की जरूरत है। गांव में शांति समिति बिठाई जाए।” बहुजन समाज पार्टी (BSP) के स्थानीय नेता ने जिलाधिकारी से मिलकर न्याय की मांग की, जबकि ब्राह्मण संगठनों ने युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जिला प्रशासन ने गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी है। कलेक्टर निशांत वर्मा ने कहा, “जातिगत सद्भाव बनाए रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। कोई भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा।” यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर AI-जनरेटेड कंटेंट के नियमन की जरूरत है, वरना ऐसी घटनाएं बढ़ेंगी। युवक का परिवार अब न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है, जबकि गांव में शांति बहाल करने की कोशिशें जारी हैं।
