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अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव: तालिबान की जवाबी कार्रवाई में 5 पाकिस्तानी सैनिक शहीद, कई चौकियां कब्जे में

अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव: तालिबान की जवाबी कार्रवाई में 5 पाकिस्तानी सैनिक शहीद, कई चौकियां कब्जे में

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच ड्यूरंड लाइन पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। 10-11 अक्टूबर 2025 को पाकिस्तानी वायुसेना के काबुल और पक्तिका में एयरस्ट्राइक के जवाब में अफगान तालिबान सेना ने सीमा पर भारी गोलाबारी की, जिसमें कम से कम 5 पाकिस्तानी सैनिक शहीद हो गए। तालिबान ने इसे “प्रतिशोध” बताते हुए कई पाकिस्तानी बॉर्डर चौकियों पर कब्जा कर लिया। यह संघर्ष दो साल पुराने इजरायल-हमास युद्ध के बाद दक्षिण एशिया में बढ़ते अस्थिरता का हिस्सा है, जहां पाकिस्तान को TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) हमलों का सामना करना पड़ रहा है।

घटना का क्रम

– पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक: 10 अक्टूबर रात को पाकिस्तान ने काबुल और पूर्वी पक्तिका प्रांत में हवाई हमले किए, जिनका लक्ष्य TTP प्रमुख नूर वली महसूद था। पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि महसूद का वाहन नष्ट हो गया, लेकिन TTP ने वीडियो जारी कर कहा कि वह सुरक्षित हैं। अफगान रक्षा मंत्रालय ने इसे “अभूतपूर्व आक्रमण” बताया, जिसमें नागरिकों को नुकसान पहुंचा। कोई मौत की पुष्टि नहीं, लेकिन कई घायल।

– तालिबान का जवाब: 11 अक्टूबर को तालिबान बॉर्डर फोर्स ने पूर्वी सीमा पर पाकिस्तानी चौकियों पर हमला बोला। अफगान सैन्य बयान के अनुसार, “पाकिस्तानी हमलों के बदले भारी झड़पें हुईं।” सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तालिबान के 2 चौकियां कब्जाने का दावा। X पर @Goreunit ने पोस्ट किया: “अफगान तालिबान ने कई पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया, 2 पोस्ट कब्जे में।”

– पाकिस्तानी नुकसान: खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में झड़प में 5 लोग मारे गए, जिनमें 3 सैनिक शामिल। कुल मिलाकर 9-11 सैनिकों की मौत की रिपोर्ट। पाकिस्तानी सेना ने इसे “आतंकवादी हमला” बताया, लेकिन तालिबान ने इसे सीधी लड़ाई कहा।

पृष्ठभूमि और कारण

– TTP का रोल: TTP, जो अफगान तालिबान से जुड़ा है, पाकिस्तान में बढ़ते हमलों के लिए जिम्मेदार। 2025 में 600+ हमले, जो 2024 से दोगुने। पाकिस्तान अफगानिस्तान को TTP के लिए सुरक्षित आश्रय देने का आरोप लगाता है। 9 अक्टूबर को TTP ने खैबर में 11 सैनिकों को मार गिराया।

– सीमा विवाद: 2024-25 से अफ-पाक झड़पें बढ़ीं। जनवरी 2025 में तालिबान ने बाजौर में 15 चौकियां कब्जाने का दावा किया। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान से 10 अरब PKR मांगे TTP हटाने के लिए, जो काबुल ने खारिज किया।

– क्षेत्रीय प्रभाव: यह संघर्ष भारत को भी प्रभावित कर सकता है, जहां अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी की दिल्ली यात्रा चल रही। ईरान ने पाकिस्तान की निंदा की, जबकि सऊदी ने मध्यस्थता की पेशकश।

दोनों पक्षों के बयान

– अफगान तालिबान: रक्षा मंत्रालय ने कहा, “पाकिस्तान का आक्रमण संप्रभुता का उल्लंघन; परिणाम भुगतेगा।” कोई हताहत की पुष्टि नहीं, लेकिन “भारी तोपखाने” से जवाब दिया।

– पाकिस्तान: DG ISPR ने एयरस्ट्राइक को “खुफिया आधारित” बताया, TTP को “भारतीय प्रॉक्सी” कहा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सेना को “पूर्ण अधिकार” दिए।

अल जजीरा और रॉयटर्स ने 11 सैनिकों की मौत कन्फर्म की। विपक्ष ने पाक सरकार पर “अफगानिस्तान को उकसाने” का आरोप लगाया।

यह संघर्ष लंबा खिंच सकता है, क्योंकि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न। मध्यस्थता के प्रयास तेज, लेकिन TTP की सक्रियता से स्थिरता दूर। आने वाले दिनों में और अपडेट्स की उम्मीद।

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