हमास ने ट्रंप के ‘गाजा प्लान’ से बनाई दूरी, प्रस्तावों को ठहराया बेतुका
मिस्र में गाजा शांति समझौते के आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह से फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास ने खुद को दूर रखने का फैसला किया है। एक वरिष्ठ हमास नेता ने एएफपी को बताया कि संगठन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 20-सूत्री ‘गाजा प्लान’ के कुछ हिस्सों से असहमत है, जिसे “बेतुका” (absurd) करार दिया। यह कदम लगभग दो वर्ष पुराने इजरायल-हमास संघर्ष को समाप्त करने वाले समझौते की भविष्य पर सवाल खड़े कर रहा है।
ट्रंप प्लान का संक्षिप्त विवरण
ट्रंप ने 29 सितंबर 2025 को व्हाइट हाउस में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ 20-सूत्री योजना पेश की, जो तत्काल युद्धविराम, बंधकों की अदला-बदली, इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी, हमास का निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय निकाय के नेतृत्व में गाजा की अस्थायी सरकार पर केंद्रित है। योजना में कहा गया है कि हमास को गाजा में शासन से हटना होगा, और इजरायल को 250 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले सभी बंधकों (जीवित और मृत) को मुक्त करना होगा। यदि हमास अस्वीकार करता है, तो “नर्क जैसी तबाही” की धमकी दी गई। इजरायल ने योजना को स्वीकार किया, लेकिन हमास ने इसे “हमास को समाप्त करने की साजिश” बताया।
हमास का रुख
हमास के राजनीतिक ब्यूरो सदस्य हुसैन बद्रान ने कहा, “हमास सदस्यों या फिलिस्तीनियों को उनकी जमीन से निकालने की बात बेतुकी और बकवास है।” संगठन ने योजना के पहले चरण (बंधक रिहाई और युद्धविराम) पर सहमति जताई, लेकिन दूसरे चरण (निरस्त्रीकरण और गाजा का भविष्य) को “जटिल और कठिन” बताया। हमास ने मिस्र में हस्ताक्षर समारोह का बहिष्कार किया, क्योंकि योजना में गाजा के पुनर्निर्माण के बजाय इजरायल-समर्थक शर्तें हैं। हमास ने कहा कि गाजा का प्रशासन फिलिस्तीनी तकनीकी विशेषज्ञों को सौंपने को तैयार है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय शांति बल की तैनाती को “विदेशी हस्तक्षेप” माना।
ट्रंप की प्रतिक्रिया और मध्यस्थों की भूमिका
ट्रंप ने हमास के “हां, लेकिन” वाले बयान को “स्थायी शांति की दिशा में बड़ा कदम” बताया और इजरायल को “तत्काल गाजा बमबारी रोकने” का आदेश दिया। नेतन्याहू ने इसे “अस्वीकृति का छिपा रूप” कहा, लेकिन ट्रंप के दबाव में बमबारी रोकी गई। मिस्र, कतर और तुर्की के मध्यस्थ दोहा में बैठक कर रहे हैं, जहां हमास के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। यूएई, जॉर्डन और सऊदी अरब जैसे देशों ने योजना का समर्थन किया, लेकिन ईरान ने हमास का साथ दिया।
पृष्ठभूमि और प्रभाव
7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले (1,200 इजरायली मारे गए, 251 बंधक) के बाद दो वर्षों में गाजा में 40,000+ फिलिस्तीनी मारे गए। योजना के पहले चरण से 20 जीवित बंधकों की रिहाई संभव है, लेकिन निरस्त्रीकरण पर गतिरोध है। विशेषज्ञों का कहना है कि हमास योजना में संशोधन मांगेगा, अन्यथा युद्ध लंबा खिंचेगा।
यह विवाद गाजा के भविष्य को प्रभावित कर सकता है, जहां भुखमरी और विस्थापन चरम पर है। मध्यस्थों की अगली बैठक से स्पष्टता मिल सकती है।
