धनतेरस पर भूलकर भी घर न लाएं ये चीजें: मां लक्ष्मी की कृपा नष्ट हो सकती है
धनतेरस पर भूलकर भी घर न लाएं ये चीजें: मां लक्ष्मी की कृपा नष्ट हो सकती है
धनतेरस (18 अक्टूबर 2025) हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है, जो दिवाली उत्सव की शुरुआत है। इस शुभ दिन भगवान धन्वंतरि (आयुर्वेद के देवता) की पूजा की जाती है और सोना-चांदी, बर्तन जैसी वस्तुओं की खरीदारी शुभ मानी जाती है। लेकिन ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कुछ चीजों को घर लाने से राहु-केतु, शनि का अशुभ प्रभाव पड़ सकता है, जिससे धन हानि, क्लेश और दरिद्रता आ सकती है। आइए जानें, किन चीजों से बचना चाहिए:
1. लोहे या स्टील की वस्तुएं
– लोहे का संबंध राहु-केतु से है। धनतेरस पर इन्हें घर लाने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आर्थिक परेशानियां हो सकती हैं। स्टील के बर्तन या उपकरण भी न खरीदें।
2. काले रंग की चीजें
– काला रंग दुर्भाग्य और शनि का प्रतीक है। काले कपड़े, सामान या कोई वस्तु न लाएं, वरना शनि का साया मंडरा सकता है।
3. नुकीली या धारदार चीजें
– चाकू, कैंची, सुई जैसी वस्तुएं क्लेश और कलह का कारण बनती हैं। जहां अशांति हो, वहां लक्ष्मी वास नहीं करती।
4. चीनी मिट्टी (Bone China) की वस्तुएं
– ये टूटने वाली होती हैं, जो अस्थिरता का प्रतीक हैं। शोपीस या बर्तन न खरीदें, इससे बरकत रुक सकती है।
5. प्लास्टिक या चमड़े का सामान
– प्लास्टिक धन को अस्थायी बनाता है, जबकि चमड़ा (पर्स, बेल्ट) मृत पशुओं से जुड़ा होने से अशुभ है। इन्हें टालें।
6. खाली बर्तन
– कोई भी बर्तन (कलश, मटका) खाली न लाएं। हमेशा धनिया, जल या मीठी वस्तु भरकर लाएं, वरना धन हानि हो सकती है।
अतिरिक्त सलाह: शाम को क्या न दें
– धनतेरस की शाम दूध, दही, तेल या सुई जैसी चीजें उधार न दें या न मांगें। इससे लक्ष्मी रूठ सकती हैं।
निष्कर्ष: धनतेरस पर सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए शुभ वस्तुओं (सोना, चांदी, पीतल के बर्तन) पर फोकस करें। पूजा के बाद दीप जलाएं और लक्ष्मी-गणेश का स्मरण करें। इससे वर्ष भर सुख-समृद्धि बनी रहेगी। ज्योतिषी सलाह: यदि धनतेरस शनिवार को पड़ रहा है
