राजनीति

बिहार चुनाव: NDA में सीट शेयरिंग को लेकर फंसा पेच, BJP ने बुलाई पटना में पार्टी नेताओं की मीटिंग

बिहार चुनाव: NDA में सीट शेयरिंग को लेकर फंसा पेच, BJP ने बुलाई पटना में पार्टी नेताओं की मीटिंग

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखें घोषित हो चुकी हैं, लेकिन NDA गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अब भी पेच फंसा हुआ है। BJP ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पटना में अपनी पार्टी नेताओं की महत्वपूर्ण मीटिंग बुलाई है, जिसमें सहयोगी दलों की मांगों पर चर्चा होगी। केंद्रीय मंत्री और BJP चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, विनोद तावड़े और मंगल पांडेय जैसे नेता पटना पहुंच चुके हैं। मीटिंग में चिराग पासवान की LJP(RV) की 40+ सीटों की जिद, जीतन राम मांझी की HAM की 15 सीटों की मांग और JD(U)-BJP के बीच 50:50 फॉर्मूले पर फोकस होगा। सूत्रों के मुताबिक, अंतिम फैसला 2-3 दिनों में हो सकता है।

मीटिंग का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

BJP ने पटना में बुलाई गई इस मीटिंग को “चुनावी रणनीति की समीक्षा” का नाम दिया है, लेकिन मुख्य एजेंडा सीट शेयरिंग ही है। रविवार को पटना में NDA सहयोगियों के साथ पहली बैठक हो चुकी है, जहां JD(U) ने 102-103 सीटें मांगीं, जबकि BJP 101-102 पर अड़ी हुई है। छोटे सहयोगी दलों की बढ़ती मांगों ने गठबंधन में खींचतान बढ़ा दी है।

धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को दिल्ली में चिराग पासवान से मुलाकात की, जहां LJP(RV) ने 45-54 सीटें मांगीं, लेकिन BJP ने सिर्फ 20-25 देने का प्रस्ताव रखा। चिराग ने प्रत्येक लोकसभा सीट पर कम से कम 2 विधानसभा सीटें मांगी हैं। इसी तरह, मांझी की HAM 15 सीटें चाहती है, जबकि उपेंद्र कुशवाहा की RLM 8-10 पर अड़ी है। JD(U) ने VIP की NDA में वापसी का विरोध किया था, जिससे उनकी सीटें 2020 की 43 से कम हो सकती हैं।

BJP राज्य अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, “पटना मीटिंग में सभी 243 सीटों पर विस्तृत चर्चा होगी। हम NDA की एकजुटता सुनिश्चित करेंगे।” मीटिंग में वर्तमान MLAs की परफॉर्मेंस रिव्यू और संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट भी तैयार की जाएगी।

NDA में सीट शेयरिंग की संभावित तस्वीर

2020 में NDA ने 125 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार सहयोगियों की मांगों से फॉर्मूला जटिल हो गया है। संभावित बंटवारा (सूत्रों के हवाले से):

– BJP: 101-102 सीटें (2020 की 110 से कम)।

– JD(U): 102-103 सीटें (50:50 फॉर्मूले पर सहमति)।

– LJP(RV): 20-25 सीटें (चिराग की 45+ मांग पर विवाद)।

– HAM(S): 8-10 सीटें।

– RLM: 5-7 सीटें।

– अन्य छोटे सहयोगी: 5-10 सीटें मिलाकर।

चिराग पासवान ने कहा, “हम NDA के साथ हैं, लेकिन जीत की गारंटी वाली सीटें चाहिए।” मांझी ने धमकी दी कि 15 से कम मिलीं तो अकेले लड़ेंगे। अमित शाह और नीतीश कुमार की सितंबर में हुई बैठक में कांटूर तय हो चुके थे, लेकिन छोटे दलों की जिद ने देरी कर दी।

राजनीतिक निहितार्थ

यह मीटिंग NDA की एकजुटता की परीक्षा होगी। अगर बंटवारा देरी से हुआ तो विपक्षी महागठबंधन (RJD-कांग्रेस) को फायदा हो सकता है, जो 130+ सीटें लेने को तैयार है। तेजस्वी यादव ने NDA की कलह पर तंज कसा, “गठबंधन टूटने की कगार पर।” जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर सभी 243 पर लड़ने की घोषणा कर चुके हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि BJP-JD(U) मिलकर 200+ सीटें लेंगी, लेकिन छोटे दलों को नजरअंदाज करने से दलित-EBC वोट बैंक प्रभावित हो सकता है। चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होंगे, नतीजे 14 नवंबर को।

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