उत्तराखंड: 1200 करोड़ के आपदा राहत पैकेज की PDNA रिपोर्ट तैयार करने की कवायद तेज, 6 जिलों का दौरा कर चुकी टीम
उत्तराखंड: 1200 करोड़ के आपदा राहत पैकेज की PDNA रिपोर्ट तैयार करने की कवायद तेज, 6 जिलों का दौरा कर चुकी टीम
उत्तराखंड में सितंबर में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा के बाद केंद्र सरकार द्वारा घोषित 1200 करोड़ रुपये के तात्कालिक राहत पैकेज को मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट (PDNA) रिपोर्ट तैयार करने के लिए विशेष टीम का गठन किया है, जो अब तक 6 आपदा प्रभावित जिलों का दौरा कर चुकी है। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार केंद्र से अतिरिक्त 5700 करोड़ रुपये की मांग करेगी, ताकि पुनर्वास और बुनियादी ढांचे की बहाली में कोई कमी न रहे।
PDNA रिपोर्ट का उद्देश्य और प्रक्रिया
PDNA रिपोर्ट आपदा के नुकसान का विस्तृत आकलन करने के लिए तैयार की जा रही है, जिसमें बुनियादी ढांचे, फसलों, आवास, सड़कों और सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान का हिसाब शामिल है। केंद्र सरकार ने राज्य से इस रिपोर्ट की मांग की है, ताकि अतिरिक्त राहत पैकेज को मंजूरी दी जा सके। आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “1200 करोड़ का पैकेज तात्कालिक है, लेकिन PDNA रिपोर्ट से प्राथमिकता वाले कार्यों को वर्गीकृत कर केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा।”
टीम ने उत्तरकाशी, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल जैसे 6 जिलों का दौरा किया है, जहां बादल फटना, भूस्खलन और बाढ़ से सबसे ज्यादा तबाही हुई। इन जिलों में सड़कें ध्वस्त, पुल बह गए और सैकड़ों घर-दुकानें मलबे में दब गईं। टीम ने स्थानीय अधिकारियों, प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों से बातचीत कर डेटा संकलित किया। अगले चरण में अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और टिहरी जैसे जिलों का दौरा होगा।
आपदा का नुकसान: आंकड़ों में
सितंबर 2025 में आई आपदा में अब तक 81 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 94 लापता बताए जा रहे हैं। 128 लोग घायल हुए हैं। राज्य सरकार के अनुमान के मुताबिक, कुल नुकसान 7000 करोड़ से अधिक का है, जिसमें सड़कें, जल स्रोत और कृषि क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 सितंबर को देहरादून दौरे के दौरान 1200 करोड़ का पैकेज घोषित किया था, जिसमें मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “PDNA रिपोर्ट से हम केंद्र से 5700 करोड़ की मांग करेंगे। आपदा प्रबंधन में NDRF, SDRF और सेना की भूमिका सराहनीय रही।” केंद्र की अंतर-मंत्रालयी टीम भी पहले ही प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुकी है।
आगे की रणनीति
रिपोर्ट अगले 10 दिनों में तैयार होकर केंद्र को भेजी जाएगी। इसमें पुनर्वास, सड़क निर्माण और जल प्रबंधन पर फोकस होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि PDNA से राहत कार्य तेज होंगे, लेकिन जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर लंबी अवधि की योजना जरूरी है। स्थानीय लोगों ने राहत कार्यों की सराहना की, लेकिन अतिरिक्त फंडिंग की मांग की।
यह कवायद उत्तराखंड को आपदा-प्रवण राज्य के रूप में मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
