उत्तराखंड

देहरादून: सरकारी स्कूल में बच्चों से भरवाए गड्ढे, वायरल वीडियो के बाद प्रधानाध्यापिका निलंबित; जांच के आदेश

देहरादून: सरकारी स्कूल में बच्चों से भरवाए गड्ढे, वायरल वीडियो के बाद प्रधानाध्यापिका निलंबित; जांच के आदेश

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बंजारावाला क्षेत्र के टी एस्टेट स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में छात्रों से मजदूरी कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। स्कूल यूनिफॉर्म पहने बच्चों को फावड़े से तसले भरकर रेत-बजरी सिर पर लाने को मजबूर करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। प्रधानाध्यापिका अंजू मैनादुली को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की।

वायरल वीडियो ने खोला राज

सोमवार को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसमें स्कूल के परिसर में बने गड्ढों को भरने के लिए छात्र फावड़ों से तसले भरते और सिर पर उठाकर लाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म में मजदूरी करते दिखे, जो शिक्षा के अधिकार और बाल श्रम निषेध कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। स्थानीय लोगों ने इसे “शर्मनाक” बताते हुए विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की। वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।

विभाग की त्वरित कार्रवाई

जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) प्रेमलाल भारती ने बताया, “घटना का संज्ञान लेते हुए प्रधानाध्यापिका अंजू मैनादुली को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। उन्हें तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।” भारती ने आगे कहा कि स्कूल के सभी पांच शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। रायपुर क्षेत्र की खंड शिक्षा अधिकारी को मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं। जांच में पुष्टि हुई कि मैनादुली ने ही बच्चों को यह काम सौंपा था।

अंजू मैनादुली 2009 से इस स्कूल में कार्यरत हैं और जुलाई 2025 में प्रधानाध्यापिका का पद संभाला था। निलंबन पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि छात्रों से मजदूरी कराना शिक्षा विभाग के नियमों का उल्लंघन है। उच्च शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने भी मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून से पूरी रिपोर्ट मांगी है।

स्थानीय अभिभावक संघ ने भी विभाग से सभी स्कूलों में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।

यह घटना देहरादून में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, जहां पहले भी स्कूलों में अनियमितताओं की शिकायतें आती रही हैं। विभाग ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *