अन्तर्राष्ट्रीय

पाकिस्तान में जाफर एक्सप्रेस पर छठी बार आतंकी हमला: रेलवे ट्रैक पर बम विस्फोट से ट्रेन के 5 डिब्बे पटरी से उतरे, कई यात्री घायल

पाकिस्तान में जाफर एक्सप्रेस पर छठी बार आतंकी हमला: रेलवे ट्रैक पर बम विस्फोट से ट्रेन के 5 डिब्बे पटरी से उतरे, कई यात्री घायल

पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान और सिंध सीमा क्षेत्र में एक बार फिर जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया। मंगलवार दोपहर को सुल्तानकोट क्षेत्र के पास रेलवे ट्रैक पर लगाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के विस्फोट से ट्रेन के कम से कम 5 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में कई यात्री घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। पाकिस्तानी रेलवे पुलिस के अनुसार, यह इस साल जाफर एक्सप्रेस पर छठा बड़ा हमला है, जो देश की रेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

घटना का विवरण

जाफर एक्सप्रेस, जो क्वेटा से पेशावर की ओर जा रही थी, दोपहर करीब 2 बजे सुल्तानकोट (शिकारपुर जिला, सिंध) के पास पहुंची ही थी कि अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि ट्रैक पर 3 फीट गहरा गड्ढा बन गया और लगभग 6 फीट लंबा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इससे ट्रेन की रफ्तार अचानक रुक गई और 5 डिब्बे पटरी से उतरकर पलट गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के बाद धूल का गुबार छा गया और यात्री चीख-पुकार मचाने लगे। कुछ यात्रियों ने गोलीबारी की भी आवाजें सुनीं, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे सिर्फ बम विस्फोट ही बताया गया है।

रेलवे अधिकारियों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया है, जहां 8 से अधिक लोगों का इलाज चल रहा है। पाकिस्तानी सेना और फ्रंटियर कोर (एफसी) की टीमें मौके पर पहुंचीं और इलाके की घेराबंदी कर ली। ट्रेन के बाकी डिब्बों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है, और यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

जिम्मेदारी का दावा

हमले की जिम्मेदारी बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने ले ली है। संगठन ने एक बयान जारी कर कहा कि यह हमला “पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों” का जवाब है। बीआरजी बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ने वाले अलगाववादी गुटों में से एक है, जो रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाता रहता है। हालांकि, पाकिस्तानी सरकार ने इसे “कायराना कृत्य” बताते हुए बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और अन्य गुटों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है।

2025 में जाफर एक्सप्रेस पर लगातार हमले: एक नजर

इस साल जाफर एक्सप्रेस पर यह छठा बड़ा हमला है, जो बलूचिस्तान में बढ़ते अलगाववाद और आतंकवाद की गंभीर स्थिति को उजागर करता है। यहां प्रमुख घटनाओं की सूची:

11 मार्च: बोलन पास, बलूचिस्तान – बीएलए द्वारा अपहरण; 26 यात्रियों और 33 हमलावरों की मौत। 450+ बंधक। हताहत: 59 मृत, कई घायल।

18 जून: जैकोबाबाद, सिंध – ट्रैक पर बम विस्फोट से 6 डिब्बे पटरी से उतरे। हताहत: कोई मौत नहीं।

अगस्त: मस्तुंग, बलूचिस्तान – आईईडी से 6 डिब्बे डिरेल; 4 घायल। सेवाएं निलंबित। हताहत: 4 घायल।

23 सितंबर: दश्त, मस्तुंग – ट्रैक पर विस्फोट से कई डिब्बे पलटे; 12 घायल। हताहत: 12 घायल।

24 सितंबर: स्पिजेंड, मस्तुंग – दोहरी विस्फोट; 6 डिब्बे डिरेल, एक पलटा। हताहत: कई घायल।

7 अक्टूबर: सुल्तानकोट, सिंध – ट्रैक पर आईईडी विस्फोट से 5 डिब्बे डिरेल। हताहत: 8+ घायल।

ये हमले पाकिस्तान रेलवे की सुरक्षा पर सवाल उठाते हैं, खासकर बोलन पास और सिंध-बलूचिस्तान बॉर्डर जैसे संवेदनशील इलाकों में। विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन निगरानी और सीसीटीवी की कमी से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं।

सरकारी प्रतिक्रिया

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमले की कड़ी निंदा की और सुरक्षा बलों को “कड़ी कार्रवाई” के निर्देश दिए। रेल मंत्री हनीफ अब्बासी ने कहा, “ये विदेशी साजिश का हिस्सा हैं, लेकिन हम अपनी धमनियों को सुरक्षित रखेंगे।” संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इसकी निंदा की है, लेकिन अफगानिस्तान से संचालित होने के पाकिस्तानी आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की।

बलूचिस्तान में अलगाववादी आंदोलन दशकों पुराना है, जहां संसाधनों के असमान बंटवारे और मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप लगते हैं। इस हमले ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है, और विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि बिना राजनीतिक समाधान के ऐसी घटनाएं जारी रहेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *