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बिहार को मिली ऐतिहासिक सौगात: पटना मेट्रो का उद्घाटन, CM नीतीश कुमार ने की शुरुआत; 7 अक्टूबर से जनता के लिए खुलेगी

बिहार को मिली ऐतिहासिक सौगात: पटना मेट्रो का उद्घाटन, CM नीतीश कुमार ने की शुरुआत; 7 अक्टूबर से जनता के लिए खुलेगी

बिहार की राजधानी पटना को सोमवार को एक बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया, जो राज्य का पहला मेट्रो नेटवर्क है। यह उद्घाटन विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा से ठीक पहले हुआ, जो राज्य सरकार के विकास के दावों को मजबूती देता है। 3.6 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर (ब्लू लाइन) का पहला स्ट्रेच इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) से भूतनाथ तक चलेगा। जनता के लिए सेवाएं 7 अक्टूबर से शुरू होंगी। उद्घाटन समारोह में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उद्घाटन के बाद मेट्रो ट्रेन में सवारी की और कहा, “पटना मेट्रो बिहार के विकास का नया अध्याय है। यह ट्रैफिक जाम से राहत देगी और शहर को आधुनिक बनाएगी।” उन्होंने 9.35 किलोमीटर लंबे टनल सेक्शन (पटना जंक्शन से रुकुनपुरा तक) का शिलान्यास भी किया, जो कॉरिडोर-1 का हिस्सा है। इस मौके पर छह अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों का फाउंडेशन स्टोन भी रखा गया। मेट्रो कोचों में बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाने वाली मधुबनी पेंटिंग्स, गोलघर, महाबोधि मंदिर, बुद्ध स्तूप और नालंदा खंडहरों की चित्रकारी की गई है। प्रत्येक कोच में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पोर्ट्स भी हैं।

पटना मेट्रो का पहला स्ट्रेच: रूट, स्टेशन और सुविधाएं

– रूट: ISBT से भूतनाथ तक 3.6 किमी एलिवेटेड स्ट्रेच (ब्लू लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर)।

– स्टेशन: पटलीपुत्र ISBT, जीरो माइल, भूतनाथ (कुल 3 स्टेशन)।

– समय: सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक।

– फेयर: ₹15 से ₹30 तक।

– ट्रेन: शुरुआत में 3-कोच वाली ट्रेनें, जो बिहार की सांस्कृतिक थीम पर आधारित हैं।

– क्षमता: प्रति घंटे 20,000 यात्री, जीरो-एमिशन वाहन।

यह प्रोजेक्ट दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के सहयोग से बिहार सरकार द्वारा विकसित किया गया है। कुल लागत ₹13,365 करोड़ है, जिसमें लैंड एक्विजिशन का खर्च अलग है। पहले चरण में 5 स्टेशन (मलाही पकरी से न्यू ISBT तक 6.1 किमी) 6 सितंबर 2025 को ही ऑपरेशनल होने वाले थे, लेकिन सुरक्षा जांच के बाद 6 अक्टूबर को उद्घाटन हुआ। पूर्ण चरण-1 (24 स्टेशन, 31.42 किमी) 2027 तक तैयार होगा। रेड लाइन (16.86 किमी, 12 स्टेशन) और ब्लू लाइन (14.56 किमी, 12 स्टेशन) शामिल हैं।

परियोजना का इतिहास और महत्व

पटना मेट्रो की योजना 2011 से चली आ रही है। 2013 में DPR तैयार हुआ, और 2018 में पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PMRCL) का गठन हुआ। DMRC को जनरल कंसल्टेंट बनाया गया। यह बिहार का पहला मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (MRTS) है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधारित है। पटना, जो 20 लाख से अधिक आबादी वाला शहर है, अब दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे महानगरों की कतार में शामिल हो गया। यह ट्रैफिक कंजेशन कम करेगा, रोजगार सृजित करेगा और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रदान करेगा।

राजनीतिक संदर्भ

उद्घाटन चुनावी माहौल में हुआ, जब चुनाव आयोग ने 2025 बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की। NDA सरकार ने इसे विकास का प्रमाण बताया। पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने कहा, “यह अच्छी शुरुआत है, लेकिन पूर्ण नेटवर्क जल्द चाहिए।” विपक्ष ने देरी पर सवाल उठाए, लेकिन सरकार ने इसे “ऐतिहासिक” करार दिया। पटना अब भारत का 24वां मेट्रो शहर बन गया।

सुरक्षा के लिए बिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस (BSAP) तैनात है। ट्रायल रन 7 सितंबर 2025 को सफल रहा। यह मेट्रो पटना को नई गति देगी, और बिहारवासियों के लिए यात्रा आसान बनेगी।

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