राहुल गांधी के विदेश दौरे पर अनुप्रिया पटेल का तीखा तंज: ‘देश की आलोचना विदेश में ही क्यों?’
राहुल गांधी के विदेश दौरे पर अनुप्रिया पटेल का तीखा तंज: ‘देश की आलोचना विदेश में ही क्यों?’
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हालिया विदेश दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि वे देश की आलोचना विदेश में ही क्यों करते हैं। अनुप्रिया पटेल ने आजतक न्यूज को दिए विशेष बयान में राहुल गांधी पर निशाना साधा, जो कोलंबिया और अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों के दौरे पर थे। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी जी को देश के लोकतंत्र और सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसे विदेशी मंचों पर क्यों ले जाना? क्या घरेलू मुद्दों पर संसद में बहस कम पड़ गई है?”
अनुप्रिया पटेल का यह बयान राहुल गांधी के साउथ अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए बयानों के संदर्भ में आया है। राहुल गांधी ने कोलंबिया के एक कार्यक्रम में भारत में बेरोजगारी, महंगाई और मीडिया की आजादी जैसे मुद्दों पर सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था, “भारत में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है, और युवाओं के लिए अवसर सीमित हैं।” कांग्रेस ने इसे “सच्चाई का आईना” बताया, लेकिन अनुप्रिया पटेल ने इसे “देश को बदनाम करने की कोशिश” करार दिया। उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार विकास पर फोकस कर रही है, लेकिन विपक्ष को विदेश में प्रचार करने की आदत पड़ गई है। बिहार चुनावों के बीच यह यात्रा भी सोचने पर मजबूर करती है।”
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी के विदेश दौरों पर विवाद हुआ है। पिछले वर्ष सितंबर में अमेरिका दौरे पर उन्होंने आरएसएस और बीजेपी पर तंज कसे थे, जिसे भाजपा ने “देशद्रोही” बताया था। इसी तरह, 2024 में यूके दौरे पर भी उनकी टिप्पणियों ने हंगामा मचाया था। अनुप्रिया पटेल, जो अपना दल (सोनेलाल) की प्रमुख हैं और एनडीए की सहयोगी, ने कहा, “राहुल जी को संसद में आकर बहस करनी चाहिए, न कि विदेश में भाषण देकर। यह विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वे देशहित को प्राथमिकता दें।”
कांग्रेस ने अनुप्रिया पटेल के बयान पर पलटवार किया। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, “मंत्री जी को राहुल जी की यात्राओं से जलन क्यों हो रही है? वे तो वैश्विक मंचों पर भारत की समस्याओं को उठा रहे हैं, जो सरकार नहीं कर पा रही।” यह विवाद बिहार विधानसभा चुनावों के बीच NDA और INDIA गठबंधन के बीच तलवारें खींचने का संकेत देता है। राहुल गांधी का साउथ अमेरिका दौरा 4 देशों—कोलंबिया, ब्राजील, अर्जेंटीना और चिली—के राजनीतिक नेताओं, छात्रों और व्यापारियों से मिलने का था, जो कांग्रेस ने “कूटनीतिक” बताया।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे तंज चुनावी माहौल में NDA की रणनीति का हिस्सा हैं, जो विपक्ष को कमजोर दिखाने का प्रयास है। अनुप्रिया पटेल का बयान राजनीतिक बहस को और गर्माएगा।
