बरेली हिंसा: तौकीर रजा के 7 फरार सहयोगियों पर 15 हजार का इनाम, पुलिस ने जारी की लिस्ट; अब तक 83 गिरफ्तार
बरेली हिंसा: तौकीर रजा के 7 फरार सहयोगियों पर 15 हजार का इनाम, पुलिस ने जारी की लिस्ट; अब तक 83 गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के बरेली में ‘I Love Muhammad’ पोस्टर विवाद से जुड़ी हिंसा के मामले में पुलिस ने तौकीर रजा के सात फरार सहयोगियों पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। यह कार्रवाई इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के युवा जिला अध्यक्ष साजिद सकलानी, युवा अध्यक्ष अल्तमास रजा, अफजल बेग, नय्याब उर्फ नीमा, बबलू खान, नदीम और अधनान सकलानी पर है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने सोमवार को बताया कि इनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। इनाम की घोषणा सूचना देने वालों के लिए है, जो गिरफ्तारी में मदद करेंगे।
यह हिंसा 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद भड़की थी, जब IMC प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने ‘I Love Muhammad’ कैंपेन के समर्थन में प्रदर्शन का आह्वान किया था। इस्लामिया ग्राउंड पर इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके जवाब में लाठीचार्ज हुआ। हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, और शहर के कई इलाकों में तनाव फैल गया। पुलिस ने 10 FIR दर्ज कीं, जिनमें 180 नामजद और 2,500 अज्ञात नाम शामिल हैं। अब तक 83 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें तौकीर रजा, राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता नफीस, पूर्व जिला अध्यक्ष नदीम खान, सोशल मीडिया इंचार्ज फरहत खान, शहर अध्यक्ष अनीस सकलानी, संस्थापक सदस्य मोइन सिद्दीकी, पूर्व जिला अध्यक्ष मुनिर इदरीशी और जिला अध्यक्ष शम्साद शामिल हैं।
गिरफ्तारियां 27 सितंबर से शुरू हुईं, जब तौकीर रजा और उनके सात सहयोगियों को मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए गिरफ्तार किया गया। DIG अजय कुमार साहनी ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इंटरनेट 48 घंटे के लिए निलंबित रहा। हाल ही में 1 अक्टूबर को तौकीर के दो सहयोगी—मोहम्मद इदरीस और इकबाल—को फतेहगंज पश्चिमी में एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया गया। उनके पास से चोरी का एंटी-रायट गन और पिस्टल बरामद हुए। इदरीस पर 20 से अधिक और इकबाल पर 17 केस दर्ज हैं।
बुलडोजर कार्रवाई: अवैध संपत्तियों पर तलवार
हिंसा के बाद प्रशासन ने IMC से जुड़ी अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया। 4 अक्टूबर को दो स्थानों पर कार्रवाई हुई, जिसमें IMC प्रवक्ता नफीस का शादी हॉल ध्वस्त कर दिया गया। बरेली डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) और नगर निगम ने मिलकर तौकीर रजा और उनके करीबियों की 8 अवैध संपत्तियों की पहचान की है, जिनमें फैक एनक्लेव, जगतपुर और पुराने शहर के इलाके शामिल हैं। BDA उपाध्यक्ष डॉ. मणिकंदन ए ने कहा, “नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी।” 30 सितंबर को इन संपत्तियों का सर्वे किया गया, और 1 अक्टूबर को डीएम, SSP और नगर आयुक्त की मौजूदगी में विध्वंस का फैसला लिया गया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दंगाइयों पर सख्ती का निर्देश दिया। विपक्ष ने इसे “सांप्रदायिक ध्रुवीकरण” का हथकंडा बताया। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा, “शांति बनाए रखने के नाम पर निर्दोषों को निशाना बनाया जा रहा।” पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया और अतिरिक्त फोर्स तैनात की। IMC ने प्रदर्शन को “शांतिपूर्ण” बताया, लेकिन पुलिस ने इसे “साजिश” करार दिया।
SSP आर्य ने अपील की, “सूचना देने वालों को गोपनीयता और इनाम की गारंटी।” यह कार्रवाई बरेली को शांति की ओर लौटाने का प्रयास है, लेकिन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से तनाव कम होगा।
