राजनीति

शिरडी में अमित शाह की महायुति नेताओं से महत्वपूर्ण बैठक: बेमौसम बारिश से फसल नुकसान पर राहत पैकेज पर चर्चा

शिरडी में अमित शाह की महायुति नेताओं से महत्वपूर्ण बैठक: बेमौसम बारिश से फसल नुकसान पर राहत पैकेज पर चर्चा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार देर रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व अजित पवार के साथ शिरडी में लगभग 45 मिनट की महत्वपूर्ण बैठक की। भाजपा सूत्रों के अनुसार, यह बैठक अहिल्यानगर जिले के शिरडी में एक स्थानीय होटल में आयोजित हुई। बैठक का मुख्य फोकस हाल ही में राज्य के कई जिलों में हुई बेमौसम और अत्यधिक बारिश से फसलों को हुए भारी नुकसान और प्रभावित किसानों को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करने पर रहा।

महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी वर्षा ने 31 से अधिक जिलों में कृषि क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है। मराठवाड़ा, विदर्भ और अन्य क्षेत्रों में फसलें जलमग्न हो गईं, जिससे 50 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर नुकसान हुआ। सूत्रों ने बताया कि बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा प्रभावित किसानों के लिए एक व्यापक राहत पैकेज की रूपरेखा तैयार की गई। इसमें राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) से विशेष सहायता, बीमा क्लेम की तेज प्रक्रिया और तत्काल नकद मुआवजे पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही 2,215 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा कर चुकी है, जिसमें प्रत्येक प्रभावित परिवार को 4 लाख रुपये की अनुदान राशि शामिल है।

बैठक में केवल कृषि संकट पर ही चर्चा सीमित नहीं रही। नेताओं ने राज्य में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं जैसे मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग, मेट्रो विस्तार और जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की। प्रशासनिक मामलों में कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास और आगामी बजट आवंटन पर भी विचार-विमर्श हुआ। अमित शाह ने महायुति सरकार की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र राज्य के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। एकनाथ शिंदे ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित पुनर्वास की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि अजित पवार ने वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर सुझाव दिए।

अमित शाह शनिवार रात को ही अहिल्यानगर जिले पहुंचे, जहां उन्होंने शिरडी साईं बाबा मंदिर में दर्शन किए। रविवार सुबह फडणवीस के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना की, जहां उन्होंने “सुख-समृद्धि और कल्याण” के लिए प्रार्थना की। यह दौरा न केवल राजनीतिक चर्चा का माध्यम बना, बल्कि किसानों की समस्याओं के समाधान का संकल्प भी। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, राहत पैकेज का ऐलान अगले कुछ दिनों में हो सकता है, जिसमें केंद्र से अतिरिक्त 1,000 करोड़ रुपये की मांग शामिल है।

यह बैठक महायुति सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो हालिया विधानसभा चुनावों में मिली जीत के बाद राज्य की चुनौतियों का सामना करने में एकजुटता दिखाती है। विपक्ष ने राहत वितरण में देरी पर सवाल उठाए हैं, लेकिन सरकार ने आश्वासन दिया है कि कोई भी किसान वंचित नहीं रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पैकेज महाराष्ट्र की कृषि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में सहायक सिद्ध होगा। शिरडी की इस बैठक ने न केवल नीतिगत फैसलों को गति दी, बल्कि केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत किया।

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