राज्यसभा चुनाव के लिए AAP ने फाइनल किया कैंडिडेट, राजिंदर गुप्ता पर लगी मुहर
आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब से राज्यसभा उपचुनाव के लिए प्रमुख उद्योगपति राजिंदर गुप्ता का नाम औपचारिक रूप से घोषित कर दिया है। पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी (PAC) ने रविवार को यह फैसला लिया, जो सोशल मीडिया पर भी जारी किया गया। यह उपचुनाव 24 अक्टूबर को होगा, जो AAP के सांसद संजीव अरोड़ा के इस्तीफे से खाली हुई सीट के लिए है। अरोड़ा ने जून में लुधियाना वेस्ट विधानसभा उपचुनाव जीतने के बाद राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था और अब वे पंजाब कैबिनेट में उद्योग मंत्री हैं।
AAP के आधिकारिक ट्वीट में कहा गया, “आम आदमी पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी पंजाब विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए श्री राजिंदर गुप्ता को उम्मीदवार के रूप में नामित करने की घोषणा करती है।” यह सीट अरोड़ा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक था। पार्टी के पास पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा में 93 विधायक हैं, इसलिए गुप्ता की जीत लगभग निश्चित मानी जा रही है। नामांकन प्रक्रिया 6 अक्टूबर से शुरू हो रही है, और अंतिम तिथि 13 अक्टूबर है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की उपस्थिति में सोमवार को नामांकन दाखिल किया जाएगा।
राजिंदर गुप्ता ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस हैं, जो भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल कंपनी है। वे हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं और कंपनी के माध्यम से लाखों लोगों को रोजगार प्रदान कर चुके हैं। पंजाब सरकार में वे 2022 से राज्य आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष और हाल ही में पटियाला के श्री काली देवी मंदिर सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे। नामांकन दाखिल करने के लिए उन्होंने शनिवार को दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया, जिससे उनकी उम्मीदवारी की अटकलें तेज हो गईं। AAP सूत्रों का कहना है कि गुप्ता को पंजाब और राष्ट्र की सेवा के लिए राज्यसभा भेजा जा रहा है।
यह फैसला पार्टी के लिए रणनीतिक महत्व रखता है। जून में AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब से राज्यसभा में आने की अटकलों को खारिज कर दिया था। विपक्ष ने अरोड़ा के नामांकन के बाद दावा किया था कि केजरीवाल ही राज्यसभा में आएंगे, लेकिन पार्टी ने पंजाब के स्थानीय चेहरे को प्राथमिकता दी। इससे दिल्ली नेतृत्व के पंजाब पर हावी होने की आलोचना से बचा जा सका। अन्य नामों में उद्योगपति कमल ओसवाल का भी विचार किया गया था, लेकिन गुप्ता को अंतिम रूप से चुना गया।
राज्यसभा में AAP के पास पंजाब से सात सदस्य हैं, और यह उपचुनाव पार्टी की मजबूती को और मजबूत करेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गुप्ता जैसे उद्योगपति का राज्यसभा में आना पार्टी को आर्थिक नीतियों पर मजबूत आवाज देगा। पंजाब में AAP की 2022 विधानसभा जीत के बाद यह पहला बड़ा राज्यसभा बदलाव है। पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है, जबकि विपक्ष ने इसे ‘क्रोनी कैपिटलिज्म’ बताकर निशाना साधा है। गुप्ता की जीत के बाद राज्यसभा में AAP की संख्या बढ़कर 11 हो जाएगी।
