उत्तराखंड

2 अक्टूबर को तय होगी बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि, 13 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

2 अक्टूबर को तय होगी बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि, 13 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

चार धाम यात्रा 2025 का मौसम समापन की ओर अग्रसर है, और बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि का ऐलान अब बस दो दिन दूर है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने घोषणा की है कि विजयादशमी (दशहरा) के पावन अवसर पर 2 अक्टूबर को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद करने की सटीक तिथि निर्धारित की जाएगी। यह निर्णय हिंदू पंचांग के अनुसार ज्योतिषीय गणना पर आधारित होगा, और दोपहर में मंदिर परिसर में एक भव्य धार्मिक समारोह आयोजित होगा। हर वर्ष यह परंपरा निभाई जाती है, जब विजयादशमी पर ब्रह्म मुहूर्त में पूजा-अर्चना के बाद कपाट बंदी का मुहूर्त तय किया जाता है।

बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई 2025 को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे, और तब से अब तक यात्रा का रुझान निरंतर बढ़ता रहा है। मंदिर समिति के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष चार धामों की यात्रा पर कुल 13.56 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जिनमें बदरीनाथ धाम पर 3.55 लाख से ज्यादा भक्तों ने भगवान बद्री विष्णु के दर्शन किए हैं। मई के अंत तक ही 13 लाख का आंकड़ा पार हो चुका था, और सितंबर में भी प्रतिदिन औसतन 20,000 से अधिक यात्री पहुंच रहे हैं। यह संख्या पिछले वर्षों से अधिक है, जो यात्रा व्यवस्था की बेहतरीन तैयारी और मौसम की अनुकूलता को दर्शाती है। उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर लाखों यात्रियों को सुविधा प्रदान की, जिससे भीड़ प्रबंधन आसान हुआ।

कपाट बंदी की तिथि आमतौर पर अक्टूबर के तीसरे या चौथे सप्ताह में तय होती है, ताकि भारी बर्फबारी से पहले सभी श्रद्धालु दर्शन कर सकें। एक बार कपाट बंद होने के बाद, भगवान बद्री विष्णु की मूर्ति को जोशीमठ के नृसिंह मंदिर में विराजमान किया जाता है, जहां सर्दियों भर पूजा-अर्चना जारी रहती है। समिति ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे 2 अक्टूबर के बाद भी अंतिम दिनों में पहुंचने की योजना बनाएं, लेकिन मौसम का ध्यान रखें। इस वर्ष यात्रा पर विदेशी पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी है, जो बदरीनाथ की वैश्विक आध्यात्मिक अपील को रेखांकित करता है।

यह परंपरा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देती है। क्या आप भी इस वर्ष बदरीनाथ दर्शन के लिए योजना बना रहे हैं? अंतिम अवसर न चूकें!

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