उत्तराखंड

उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर जारी, मौसम विभाग ने जारी किया सात दिन का अलर्ट

उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर जारी, मौसम विभाग ने जारी किया सात दिन का अलर्ट

उत्तराखंड में मानसून की आधिकारिक विदाई के बावजूद बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक के लिए सात दिन का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें राज्य के पर्वतीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन के साथ बौछारों की चेतावनी दी गई है। मैदानी क्षेत्रों में मौसम ज्यादातर शुष्क रहेगा, लेकिन कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश की संभावना है।

29 सितंबर से 1 अक्टूबर: बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार, 29 सितंबर, 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को कुमाऊं क्षेत्र के बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अन्य पर्वतीय जिलों जैसे चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पौड़ी गढ़वाल में भी हल्की बारिश और गर्जन के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, मैदानी जिले हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है।

2 और 3 अक्टूबर: हल्की बारिश का अनुमान

2 और 3 अक्टूबर को उत्तराखंड के अधिकांश पर्वतीय क्षेत्रों में बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना है। इस दौरान हरिद्वार में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा, जबकि ऊधमसिंह नगर के कुछ हिस्सों में छिटपुट हल्की बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि गढ़वाल क्षेत्र के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं।

4 और 5 अक्टूबर: गढ़वाल-कुमाऊं में मध्यम बारिश की संभावना

4 और 5 अक्टूबर को गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जैसे जिलों में बारिश का असर ज्यादा हो सकता है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरोध की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने चार धाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि पर्वतीय मार्गों पर आवाजाही से पहले मौसम का ताजा अपडेट अवश्य लें। बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा रहता है, जिससे यात्रा में असुविधा हो सकती है। विभाग ने स्थानीय प्रशासन को भी नदियों और जलाशयों के आसपास निगरानी बढ़ाने को कहा है।

चार धाम यात्रा पर असर

यह बारिश बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की चार धाम यात्रा को प्रभावित कर सकती है, जो अपने अंतिम चरण में है। बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि 2 अक्टूबर को तय होगी, और बारिश के कारण यात्रियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के बाद का यह बारिश चक्र पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी बदलावों का परिणाम है।

उत्तराखंड में बारिश का यह दौर यात्रा और स्थानीय जीवन को प्रभावित कर सकता है। क्या आप भी पहाड़ों की यात्रा की योजना बना रहे हैं? मौसम अपडेट्स पर नजर रखें।

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