देहरादून-पिथौरागढ़ विमान सेवा बंद, फ्लाई बिग ने एक साल में ही छोड़ा साथ
उत्तराखंड की पहाड़ी क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी देने का सपना एक साल में ही चूर-चूर हो गया। UDAN योजना के तहत शुरू हुई देहरादून-पिथौरागढ़ विमान सेवा को फ्लाई बिग एयरलाइंस ने बंद करने का ऐलान कर दिया है। यह सेवा 2 फरवरी 2024 को शुरू हुई थी, लेकिन कम यात्री संख्या, ऊंचे परिचालन खर्च और तकनीकी दिक्कतों के कारण इसे असफल घोषित कर दिया गया। कंपनी ने साफ कहा कि वित्तीय रूप से यह रूट अब टिकाऊ नहीं रहा, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी निराशा है।
फ्लाई बिग ने 19-सीटर विमानों से यह सेवा संचालित की थी, जो देहरादून को पिथौरागढ़ और पंतनगर से जोड़ती थी। यात्रा का समय 12-15 घंटे से घटकर महज 1-1.5 घंटे हो गया था, और टिकट की कीमत मात्र 3,600 रुपये रखी गई थी। लेकिन जुलाई 2024 में एक साल की मंजूरी मिलने के बाद भी जून 2024 में संक्षिप्त निलंबन के बाद पूरी तरह बंद हो गई। कंपनी के पंतनगर स्टेशन इंचार्ज वरुण दुबे ने बताया, “हमने प्रयास किए, लेकिन यात्री संख्या अपेक्षा से कम रही। अब रूट को फिर से शुरू करने की कोई योजना नहीं है।” मई 2025 में भी तकनीकी खराबी से कई उड़ानें रद्द हुईं, जो समस्या की गहराई बताती हैं।
यह पहली बार नहीं है जब उत्तराखंड के इन रूट्स पर विमान सेवा फेल हुई। 2018 में हेरिटेज एविएशन ने देहरादून-पंतनगर-पिथौरागढ़ रूट शुरू किया था, लेकिन कम डिमांड के कारण बंद हो गया। स्पाइसजेट ने भी पंतनगर-दिल्ली रूट छोड़ दिया। विपक्षी नेता ने इसे ‘सरकार की विफलता’ बताया, कहा कि UDAN योजना का फायदा पहाड़ी जिलों तक नहीं पहुंचा। स्थानीय व्यापारी और पर्यटन संगठनों ने मांग की है कि नई एयरलाइंस को आमंत्रित किया जाए, ताकि पिथौरागढ़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों का विकास हो सके।
उत्तराखंड सरकार ने अब वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करने की बात कही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सब्सिडी बढ़ाए और विमानन बुनियादी ढांचे सुधार के ऐसी सेवाएं टिक नहीं पाएंगी। क्या पहाड़ी हवाई सपना फिर अधर में लटक जाएगा? स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
