पीएम मोदी का कल हिमाचल और पंजाब दौरा, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लेंगे जायजा, राहत पैकेज की घोषणा संभव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मानसून से उत्पन्न बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति का जायजा लेना, प्रभावित लोगों से मुलाकात करना और केंद्र सरकार की ओर से राहत पैकेज की घोषणा करना होगा। यह दौरा दोनों राज्यों में हाल के दिनों में हुई भारी तबाही के बीच आया है, जहां सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं और अरबों रुपये का नुकसान हुआ है।
हिमाचल और पंजाब में बाढ़ का कहर
हिमाचल प्रदेश में अगस्त-सितंबर 2025 में सामान्य से 200% अधिक बारिश ने मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और चंबा जैसे जिलों में भारी तबाही मचाई। भूस्खलन से सड़कें, पुल और घर तबाह हो गए, जिसमें 45 लोगों की मौत और 20 लापता होने की खबर है। राज्य सरकार ने केंद्र से 2,500 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की है। पंजाब में सतलुज और ब्यास नदियों के उफान से लुधियाना, जालंधर, कपूरथला और फिरोजपुर में बाढ़ ने फसलें बर्बाद कर दीं। यहां 30 से अधिक मौतें और 50,000 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है। पंजाब सरकार ने भी केंद्र से 1,800 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है।
पीएम के दौरे का शेड्यूल
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, 9 सितंबर को सुबह पीएम मोदी हेलीकॉप्टर से हिमाचल के मंडी जिले पहुंचेंगे, जहां वे बाढ़ प्रभावित गांवों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और स्थानीय प्रशासन व प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे। दोपहर में वे शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद वे पंजाब के लिए रवाना होंगे, जहां शाम को जालंधर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे। पीएम प्रभावित किसानों और ग्रामीणों से बातचीत करेंगे और SDRF/PMNRF के तहत तत्काल राहत की घोषणा कर सकते हैं।
राहत और पुनर्वास पर फोकस
पीएम मोदी ने रविवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा, “हिमाचल और पंजाब के भाइयों-बहनों के दर्द को समझते हैं। केंद्र सरकार हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। कल का दौरा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को गति देने का अवसर होगा।” दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने पीएम को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें पुनर्वास, सड़क-बुनियादी ढांचे के मरम्मत और कृषि नुकसान के लिए मुआवजे की मांग शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम की यात्रा से केंद्र से तत्काल फंडिंग मिलने की उम्मीद है, जो पुनर्निर्माण को तेज करेगी।
यह दौरा चुनावी वर्ष में एनडीए सरकार की आपदा प्रबंधन क्षमता को प्रदर्शित करने का प्रयास माना जा रहा है। विपक्ष ने केंद्र पर देरी का आरोप लगाया है, लेकिन पीएम कार्यालय ने इसे खारिज करते हुए कहा कि राहत कार्य पहले से ही चल रहे हैं। हिमाचल और पंजाब में बाढ़ से जुड़ी मौतें और नुकसान बढ़ते जा रहे हैं, इसलिए पीएम का दौरा दोनों राज्यों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
