बिहार विधानसभा चुनाव 2025: राजपुर से संतोष कुमार निराला एनडीए के उम्मीदवार घोषित, नीतीश कुमार ने भरी हुंकार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: राजपुर से संतोष कुमार निराला एनडीए के उम्मीदवार घोषित, नीतीश कुमार ने भरी हुंकार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने बक्सर जिले की राजपुर (सुरक्षित) विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री संतोष कुमार निराला को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। शनिवार को बक्सर में आयोजित एक विशाल जनसभा में बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने स्वयं इसकी घोषणा की। यह घोषणा तब हुई है, जब एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर औपचारिक सहमति अभी बाकी है, जिसने सियासी हलचल को और तेज कर दिया है।
नीतीश कुमार का ऐलान
राजपुर के खेल मैदान में आयोजित ‘कार्यकर्ता संवाद’ कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने संतोष निराला को मंच पर बुलाकर उनका हाथ उठाया और जनता से अपील की, “कुछ ही दिन में चुनाव होने वाले हैं। संतोष निराला अच्छे इंसान हैं और मेरे मंत्रिमंडल में परिवहन मंत्री रह चुके हैं। आप सब इनको भारी मतों से जिताइएगा।” उनके इस ऐलान के बाद कार्यकर्ताओं ने “निराला जिंदाबाद” और “हमारा नेता कैसा हो, निराला जैसा हो” जैसे नारे लगाकर उत्साह दिखाया। नीतीश ने कहा, “निराला जी का अनुभव और जनता से जुड़ाव राजपुर को नई दिशा देगा। यह चुनाव विकास और भ्रम के बीच है।”
325 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
सभा के दौरान नीतीश कुमार ने बक्सर और भोजपुर प्रमंडल के लिए 325.13 करोड़ रुपये की पांच बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इनमें शामिल हैं:
– गोलंबर से ज्योति चौक होते हुए बस स्टैंड तक सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण।
– भोजपुर-सिमरी पथ का 9.30 किमी तक चौड़ीकरण।
– बड़ी मस्जिद से सेंट्रल जेल तक सड़क का चौड़ीकरण।
– बक्सर-कोईलवर गंगा तटबंध का 51.72 किमी तक सुदृढ़ीकरण।
– ‘भारत रत्न’ उस्ताद बिस्मिल्ला खां संगीत कॉलेज की स्थापना, जिसे नीतीश ने सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।
नीतीश ने कहा, “केंद्र सरकार के समर्थन से बिहार में सड़क, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। बिहार अब पिछड़ा नहीं रहेगा, बल्कि देश के शीर्ष विकसित राज्यों में शामिल होगा।”
संतोष निराला का सियासी सफर
संतोष कुमार निराला राजपुर से 2010 और 2015 में जदयू के टिकट पर विधायक चुने गए थे। 2015 में उन्हें नीतीश सरकार में परिवहन मंत्री बनाया गया था। हालांकि, 2020 के विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस के विश्वनाथ राम से 21,204 वोटों के अंतर से हार गए थे। विश्वनाथ राम ने 67,871 वोट हासिल किए, जबकि निराला को 46,667 वोट मिले। हार के बावजूद नीतीश ने उन्हें महादलित आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस बार उनकी उम्मीदवारी ग्राउंड-लेवल फीडबैक और उनके सामाजिक जुड़ाव के आधार पर तय की गई है।
विपक्ष पर हमला
नीतीश ने सभा में विपक्ष, खासकर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने हमेशा गड़बड़ी की है। लालू-राबड़ी शासन में बिहार की हालत बदतर थी। आज विकास हर जगह दिख रहा है। विपक्ष सिर्फ झूठ और भ्रम फैलाता है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता को पिछले 20 सालों में बिहार में हुए बदलावों के बारे में बताएं।
एनडीए में सीट बंटवारे पर सस्पेंस
नीतीश कुमार की इस घोषणा ने एनडीए के भीतर सीट बंटवारे की चर्चाओं को तेज कर दिया है। जदयू, बीजेपी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर), और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के बीच अभी सीटों का अंतिम बंटवारा नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, जदयू को 102, बीजेपी को 101, एलजेपी (रामविलास) को 25, हम को 8, और आरएलएम को 7 सीटें मिल सकती हैं। नीतीश का यह ऐलान जदयू के राजपुर सीट पर दावे को मजबूत करने का संकेत माना जा रहा है।
सियासी हलचल और भविष्य
संतोष निराला की उम्मीदवारी की घोषणा ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। राजपुर सीट पर वर्तमान में कांग्रेस के विश्वनाथ राम विधायक हैं, और उनकी मौजूदगी इस सीट को और प्रतिस्पर्धी बनाएगी। एनडीए इस घोषणा को अपने “विकासोन्मुख चेहरे” के रूप में पेश कर रहा है, जबकि विपक्ष इसे जदयू की जल्दबाजी करार दे रहा है। बिहार में नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में यह सीट अब चर्चा का केंद्र बन गई है।
