राजनीति

प्रशांत किशोर का बिहार में बड़ा ऐलान: जन सुराज की सरकार बनी तो 7 दिन में 100 भ्रष्ट नेता और अफसर जाएंगे जेल

प्रशांत किशोर का बिहार में बड़ा ऐलान: जन सुराज की सरकार बनी तो 7 दिन में 100 भ्रष्ट नेता और अफसर जाएंगे जेल

जन सुराज पार्टी के संस्थापक और पूर्व चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ तीखा तेवर अपनाते हुए एक बड़ा ऐलान किया है। शनिवार को खगड़िया में आयोजित बिहार बदलाव सभा में हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी की सरकार सत्ता में आती है, तो पहले सात दिनों के अंदर बिहार के 100 सबसे भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने शराबबंदी को भी दिखावा करार दिया और इसे भ्रष्टाचार का बड़ा स्रोत बताया।

भ्रष्टाचार पर सख्त रुख

प्रशांत किशोर ने अपनी बिहार बदलाव यात्रा के तहत खगड़िया में कहा, “जिन लोगों ने बिहार को लूटा है, उनकी उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। जन सुराज की सरकार बनते ही भ्रष्ट नेताओं और अफसरों को जेल भेजा जाएगा, और उनके बच्चों तक से लूट का हिसाब लिया जाएगा।” उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम ने भ्रष्टाचार के कई ठोस सबूत जुटाए हैं, जिसमें बिहार सरकार के कुछ मौजूदा और पूर्व मंत्रियों, विधायकों और आईएएस अधिकारियों की बेमेल दोस्ती और उनके कारनामों की पूरी लिस्ट शामिल है।

शराबबंदी को बताया दिखावा

प्रशांत किशोर ने बिहार में लागू शराबबंदी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने रोहतास के डेहरी ऑन सोन में एक सभा में कहा, “शराबबंदी को असंवैधानिक तरीके से थोपा गया है। यह गांधी जी के विचारों का गलत इस्तेमाल है। शराबबंदी से बिहार को हर साल 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, जो भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों की जेब में जा रहा है।” उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए पूछा कि अगर शराबबंदी इतनी अच्छी है, तो इसे उत्तर प्रदेश या अन्य बीजेपी शासित राज्यों में क्यों नहीं लागू किया गया।

स्वास्थ्य और प्रशासन पर निशाना

गोपालगंज के बरौली में एक जनसभा में किशोर ने बिहार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी हमला बोला। बेतिया सदर अस्पताल में एक वृद्ध के शव को घसीटे जाने के वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर निशाना साधा और कहा, “जब तक ऐसे लोग स्वास्थ्य मंत्री रहेंगे, जिनका काम लूटना है, तब तक बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था नहीं सुधरेगी।”

करघर से लड़ेंगे चुनाव

प्रशांत किशोर ने यह भी ऐलान किया कि वह बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी जन्मभूमि करघर सीट से उम्मीदवार होंगे। उन्होंने कहा, “मैं कर्मभूमि और जन्मभूमि दोनों से चुनाव लड़ने की बात कहता हूं, और करघर मेरी जन्मभूमि है।” इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस और राजद पर भी तंज कसा, यह कहते हुए कि राहुल गांधी और राजद बिहार में जंगलराज के समर्थक हैं, और उनकी कोई साख नहीं है।

सियासी हलचल और प्रतिक्रियाएं

प्रशांत किशोर की इस मुहिम से बिहार की सियासत में भूचाल आ गया है। सूत्रों के अनुसार, उनकी टीम ने कई विभागों में तैनात भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं की फाइलें जुटाई हैं, जिनके आधार पर वह जल्द ही बड़े खुलासे करने की तैयारी में हैं। कुछ एक्स पोस्ट्स में उनके समर्थकों ने उनकी इस सख्त मुहिम की तारीफ की, जिसमें उनकी सभा में बारिश और आंधी के बावजूद लोगों से मिलने की प्रतिबद्धता को सराहा गया। हालांकि, कुछ यूजर्स ने उन्हें “ठग व्यवसायी” कहकर उनकी मंशा पर सवाल भी उठाए।

क्या होगा सियासी असर?

बिहार में विधानसभा चुनाव नवंबर 2025 में होने की संभावना है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ इस आक्रामक रुख के साथ मैदान में उतर रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी यह मुहिम बिहार की जनता को प्रभावित कर सकती है, लेकिन यह भी सवाल उठता है कि क्या वह इस मुहिम को वोटों में बदल पाएंगे। किशोर ने स्पष्ट किया, “हमारा मकसद सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि बिहार में सच्चा बदलाव लाना है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *