पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष समाप्त करने पर जोर दिया
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष समाप्त करने पर जोर दिया
नई दिल्ली, 1 सितंबर 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चीन के तियानजिन में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) समिट के साइडलाइन्स पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। यह 2025 में दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की मुलाकात थी। SCO समिट के बाद दोनों नेता पुतिन के ऑरस लिमोजीन कार में सवार होकर बैठक स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने करीब एक घंटे तक बातचीत की। पीएम मोदी ने इस मुलाकात को ‘हमेशा आनंददायक’ बताया और कहा कि पुतिन के साथ बातचीत हमेशा उपयोगी होती है।
मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने यूक्रेन संघर्ष पर गहन चर्चा की। उन्होंने कहा, “हम यूक्रेन में चल रहे संघर्ष पर लगातार चर्चा कर रहे हैं। हम हाल की सभी शांति प्रयासों का स्वागत करते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि सभी पक्ष रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे। संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने का रास्ता ढूंढना होगा और स्थायी शांति स्थापित करनी होगी।” पीएम मोदी ने जोर दिया कि यूक्रेन में शांति पूरे मानवजाति की पुकार है। उन्होंने हाल के शांति प्रयासों का समर्थन किया और सभी पक्षों से सकारात्मक कदम उठाने की अपील की। यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर दबाव बढ़ाया है और भारत पर रूसी तेल खरीद के लिए 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया है।
पीएम मोदी ने भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “भारत और रूस ने हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं, यहां तक कि सबसे कठिन परिस्थितियों में भी। हमारा घनिष्ठ सहयोग न केवल दोनों देशों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी जरूरी है।” दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा और व्यापार सहयोग पर चर्चा की। पुतिन ने पीएम मोदी को अपना ‘प्रिय मित्र’ कहा और भारत-रूस विशेष रणनीतिक साझेदारी के 15 वर्ष पूरे होने का जिक्र किया। उन्होंने दिसंबर में भारत दौरे की तैयारियों पर भी बात की।
यह मुलाकात SCO समिट के दौरान हुई, जहां पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ मजबूत रुख अपनाया। तियानजिन घोषणा में SCO सदस्यों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले की निंदा की और आतंकवाद में ‘दोहरी मानदंडों’ को अस्वीकार्य बताया। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ देशों द्वारा आतंकवाद का खुला समर्थन स्वीकार्य नहीं है। समिट में वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने पर फोकस रहा।
पीएम मोदी ने मुलाकात के बाद X पर पोस्ट किया, “SCO समिट के बाद राष्ट्रपति पुतिन और मैंने मिलकर हमारे द्विपक्षीय बैठक स्थल तक यात्रा की। उनके साथ बातचीत हमेशा प्रेरणादायक होती है।” यह मुलाकात भारत की रणनीतिक संतुलन नीति को दर्शाती है, जहां वह पश्चिम और पूर्व दोनों के साथ संबंध मजबूत रख रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वैश्विक शांति प्रयासों में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। पीएम मोदी SCO समिट समाप्त कर भारत लौट चुके हैं।
