उत्तराखंड

उत्तराखंड मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट: BJP विधायकों ने अमित शाह से की मुलाकात, चर्चाओं का बाजार गर्म

उत्तराखंड मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट: BJP विधायकों ने अमित शाह से की मुलाकात, चर्चाओं का बाजार गर्म

देहरादून: उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार की अफवाहों ने राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ दिनों से चली आ रही इस सुगबुगाहट के बाद राज्य के कई BJP विधायक सक्रिय हो गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह से विधायकों की मुलाकातों का दौर शुरू हो गया, जो मंत्रिमंडल में जगह पाने की दौड़ का स्पष्ट संकेत दे रहा है। खास तौर पर, रायपुर सीट से विधायक उमेश शर्मा काउ और गदरपुर विधायक अरविंद पांडे ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अलग-अलग मुलाकात की। मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिसके बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

सूत्रों के अनुसार, उमेश शर्मा काउ और अरविंद पांडे ने दिल्ली में शाह के आवास पर पहुंचकर पार्टी के लिए अपने योगदान और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। काउ, जो रायपुर से दो बार विधायक रह चुके हैं और पार्टी के युवा चेहरे माने जाते हैं, ने कथित तौर पर मंत्रिमंडल विस्तार में अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश की। वहीं, गदरपुर के विधायक अरविंद पांडे ने भी शाह से राज्य के विकास मुद्दों और पार्टी की चुनावी रणनीति पर बात की। तस्वीरों में दोनों विधायकों को शाह के साथ गर्मजोशी से बातचीत करते देखा जा सकता है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रही हैं। BJP के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “ये मुलाकातें सामान्य हैं, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।”

उत्तराखंड में वर्तमान मंत्रिमंडल में केवल 8 मंत्री हैं, जबकि संवैधानिक सीमा 21 है। मंत्रिमंडल विस्तार की यह सुगबुगाहट 20 अगस्त को केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों के बाद तेज हुई, जब BJP हाई कमांड ने राज्य इकाई को मंत्रिमंडल को मजबूत करने के लिए कहा। विधायकों की सक्रियता तब बढ़ी जब अफवाहें उड़ीं कि अगले हफ्ते विस्तार हो सकता है। हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और देहरादून के विधायक सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में कहा था कि विस्तार हाई कमांड के फैसले पर होगा, और इसमें क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखा जाएगा।

BJP प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, “विधायक हमेशा केंद्रीय नेतृत्व से जुड़े रहते हैं। यह सामान्य प्रक्रिया है।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह विस्तार 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट करने का प्रयास है, जिसमें OBC, SC/ST और पहाड़ी जिलों के प्रतिनिधियों को प्राथमिकता मिल सकती है।

मुलाकातों की तस्वीरें वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर अटकलें तेज हो गई हैं। कुछ यूजर्स ने इसे “मंत्रिमंडल एंट्री का संकेत” बताया, तो कुछ ने पार्टी की आंतरिक राजनीति पर सवाल उठाए। अगले कुछ दिनों में और विधायकों की दिल्ली यात्रा की संभावना है, जो मंत्रिमंडल की नई तस्वीर उजागर कर सकती है।

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