राष्ट्रीय

धर्मस्थल केसः फर्जी खोपड़ी दिखा रहा था सफाईकर्मी, लाशें दफनाने का दावा करने वाला गिरफ्तार

धर्मस्थल, 23 अगस्त 2025: कर्नाटक के प्रसिद्ध श्री क्षेत्र धर्मस्थल मंदिर से जुड़े एक कथित विवाद में नया मोड़ आया है। पुलिस ने एक सफाईकर्मी को गिरफ्तार किया है, जिसने नकली खोपड़ी और झूठी कहानी के आधार पर मंदिर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले ने सोशल मीडिया पर तूल पकड़ा था, लेकिन जांच में दावों को फर्जी पाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई।

मामला तब शुरू हुआ जब एक महिला, सुजाता भट्ट, ने खुद को पूर्व CBI अधिकारी और 2003 में गायब हुई कथित छात्रा अनन्या भट्ट की मां बताते हुए मंदिर प्रशासन पर सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मंदिर परिसर में एक मानव खोपड़ी मिली थी, जो उनकी बेटी की थी। इस कहानी को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिससे मंदिर की साख को नुकसान पहुंचा। लेकिन पुलिस जांच में पता चला कि अनन्या भट्ट नाम की कोई छात्रा कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज में कभी दर्ज नहीं थी, और न ही कोई पुलिस रिकॉर्ड या समाचार रिपोर्ट इस घटना की पुष्टि करती है। खोपड़ी भी फर्जी निकली, जिसे जानबूझकर सनसनी फैलाने के लिए इस्तेमाल किया गया था।

पुलिस ने सुजाता भट्ट को फर्जी सबूत पेश करने और अफवाह फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि यह मंदिर की छवि खराब करने की साजिश थी। धर्मस्थल, जो आस्था, शिक्षा और सेवा का केंद्र है, पहले भी ऐसी झूठी कहानियों का शिकार हो चुका है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली खबरों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और तथ्यों की जांच करें। इस घटना ने एक बार फिर सत्यापन के बिना अफवाहों के खतरों को उजागर किया है।

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