रामनगर में बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान: वन विभाग की भूमि पर चले बुलडोजर, 81 आलीशान मकान जमींदोज
रामनगर में बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान: वन विभाग की भूमि पर चले बुलडोजर, 81 आलीशान मकान जमींदोज
उत्तराखंड के रामनगर में तराई पश्चिम वन प्रभाग की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ शनिवार को प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पुछड़ी क्षेत्र में भारी पुलिस बल और 38 से अधिक भारी मशीनों (28 जेसीबी और 10 पोकलैंड) की मदद से 81 दो से तीन मंजिला मकानों को गिरा दिया गया। इस कार्रवाई में लगभग 10 बीघा वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।
प्रशासन के अनुसार, कोसी नदी से सटे इस क्षेत्र में 226 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा था। डीएफओ पुनीत तोमर ने बताया कि 91 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 81 भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, जबकि 9 लोगों का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस दौरान स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भारी फोर्स तैनात
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबल तैनात किए गए थे। एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र के नेतृत्व में लगभग 800 पुलिसकर्मी, 300 से अधिक वनकर्मी और पीएसी की तीन कंपनियां तैनात रहीं। इलाके में जाने वाले सभी रास्तों को बैरिकेडिंग लगाकर पूरी तरह सील कर दिया गया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला के चक्कर खाकर गिरने और दो अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
शादी की खुशियों पर फिरा पानी
इस बुलडोजर कार्रवाई के दौरान एक परिवार ऐसा भी सामने आया जिसकी खुशियां मलबे में दब गईं। फातिमा नाम की महिला ने बताया कि उनकी बेटी तमन्ना की शादी 5 नवंबर को तय है, जिसके लिए घर सजाया गया था और दहेज का सामान जुटाया गया था। आशियाना टूटने के कारण परिवार पर बड़ा संकट आ गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई पर कांग्रेस नेता विजय शर्मा ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए प्रभावित गरीब परिवारों के लिए तत्काल वैकल्पिक आवास और पुनर्वास की मांग की है। फिलहाल प्रशासन ने मलबे को पूरी तरह हटाकर क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया है।

