बदरीनाथ हेलिकॉप्टर हादसा: खराब मौसम में उड़ान को लेकर यूकाडा और कंपनी आमने-सामने
बदरीनाथ हेलिकॉप्टर हादसा: खराब मौसम में उड़ान को लेकर यूकाडा और कंपनी आमने-सामने
चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ घाटी में ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से पायलट समेत छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे ने हवाई सेवाओं के संचालन और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) और विमानन कंपनी के बीच बयानों को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है।
यूकाडा का दावा बनाम कंपनी की सफाई
यूकाडा का आरोप है कि मौसम विभाग द्वारा जारी ‘ऑरेंज अलर्ट’ को देखते हुए हादसे से करीब एक घंटे पहले ही सभी उड़ानों पर रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कंपनी ने आदेश की अनदेखी कर उड़ान भरी। दूसरी तरफ, ट्रांस भारत एविएशन के उड़ान संचालन निदेशक एस. भट्टाचार्य ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें उड़ान रोकने से जुड़ा ऐसा कोई आदेश या पत्र प्राप्त नहीं हुआ था।
AAIB और DGCA की जांच शुरू
घटना की गहराई से जांच के लिए विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और DGCA की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। जांच एजेंसियां हेलिकॉप्टर की तकनीकी खराबी के साथ-साथ यह भी खंगाल रही हैं कि यूकाडा का आदेश किस माध्यम से भेजा गया और वह पायलट तक क्यों नहीं पहुंचा। इसके अलावा, आदेश के बावजूद उड़ान भरने वाली अन्य संभावित कंपनियों पर भी जांच की आंच आ सकती है।
8 किमी पैदल चलकर पहुंचा बचाव दल, एम्स ऋषिकेश भेजे गए शव
हादसे वाली जगह बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाके में होने के कारण सेना, ITBP, SDRF और NDRF के जवानों को करीब 8 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद सभी 6 शवों को बाहर निकाला गया। जोशीमठ में कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पार्थिव शरीरों को पोस्टमार्टम के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया है। मृतकों में कर्नाटक के 5 श्रद्धालु और पायलट शामिल हैं।

